मुजफ्फरनगर शहर की कई कॉलोनियों में आवारा कुत्तों और बंदरों का बढ़ता आतंक अब जनजीवन पर भारी पड़ने लगा है। गांधी कॉलोनी, शिवनगर, मदनपुरी और सुभाष नगर समेत कई इलाकों के निवासी इन जानवरों के डर से रोजमर्रा की गतिविधियों में भी असहज महसूस कर रहे हैं। हालात से परेशान लोगों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़कों और गलियों में कुत्तों के झुंड खुलेआम घूमते हैं, जबकि बंदर घरों की छतों और गलियों में उत्पात मचा रहे हैं। सुबह और शाम के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब स्कूल जाने वाले बच्चों और कामकाजी लोगों को सबसे ज्यादा खतरा महसूस होता है। कई जगहों पर कुत्तों के काटने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।
निवासियों के अनुसार, इस समस्या को लेकर पहले भी प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। आक्रोशित लोगों ने कुछ दिन पूर्व गांधी कॉलोनी के मुख्य मार्ग पर विरोध प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी जताई थी, जहां अधिकारियों ने जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया था।
क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस समस्या को गंभीर बताते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती संख्या और हमलों की घटनाएं किसी बड़े हादसे को न्योता दे रही हैं, जिसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो वे व्यापक आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। लोगों की मांग है कि आवारा कुत्तों और बंदरों को पकड़ने, उनकी संख्या नियंत्रित करने और सुरक्षित स्थानों पर भेजने की प्रभावी व्यवस्था की जाए, ताकि शहर में फिर से सुरक्षित माहौल स्थापित हो सके।
