गोंडा/सूरत। गुजरात के सूरत में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की शाखा में हुई करोड़ों की सनसनीखेज डकैती के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। सूरत क्राइम ब्रांच ने उत्तर प्रदेश में दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन पर बैंक लूट की वारदात में शामिल होने का आरोप है। इस कार्रवाई के बाद पूरे गिरोह के नेटवर्क को लेकर कई अहम खुलासे सामने आए हैं।पुलिस के मुताबिक 27 अप्रैल को वराछा क्षेत्र स्थित एसबीआई शाखा में सात हथियारबंद बदमाश दिनदहाड़े घुस आए थे। बदमाशों ने बैंक कर्मचारियों को हथियारों के बल पर आतंकित कर दिया और बेहद सुनियोजित तरीके से करीब 52 लाख रुपये लूटकर फरार हो गए। पूरी वारदात महज कुछ मिनटों में अंजाम दी गई। घटना के दौरान बदमाश बिना चेहरा ढके बैंक में घूमते दिखाई दिए, जिससे पुलिस को शुरुआती जांच में अहम सुराग मिले।जांच एजेंसियों ने जब सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन खंगालनी शुरू की तो पता चला कि आरोपी वारदात से काफी पहले ही सूरत पहुंच चुके थे। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर किराए पर कमरा लिया था और कई दिनों तक इलाके की रेकी कर बैंक की गतिविधियों पर नजर रखी। पुलिस को यह भी पता चला कि घटना में इस्तेमाल की गई बाइक चोरी की थी, जिसे फर्जी पहचान पत्रों के जरिए खरीदा गया था।वारदात के दौरान आरोपियों की बातचीत में उत्तर प्रदेश की बोली सुनाई देने पर जांच का फोकस यूपी की ओर गया। इसके बाद सूरत क्राइम ब्रांच ने तकनीकी निगरानी और सीसीटीवी नेटवर्क की मदद से अयोध्या निवासी शुभम कुमार और गोंडा निवासी विकास सिंह तक पहुंच बनाई। दोनों को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर गुजरात ले जाया गया है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में गिरोह के अन्य सदस्यों और लूटी गई रकम को लेकर महत्वपूर्ण जानकारियां मिली हैं। फरार बदमाशों की तलाश में कई राज्यों में छापेमारी की जा रही है। वहीं इस हाईप्रोफाइल डकैती के खुलासे के बाद बैंक सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।