कानपुर में पुलिस विभाग की साख को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ नवाबगंज थाने के तत्कालीन प्रभारी इंस्पेक्टर आशीष द्विवेदी को गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का दोषी पाया गया है। विभागीय जांच में खुलासा हुआ कि 2022 में एक चोरी की घटना की जांच के दौरान इंस्पेक्टर ने बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को देर रात उठवाकर वन-स्टॉप सेंटर में घंटों तक अवैध रूप से बंद रखा। आरोप है कि पूछताछ के नाम पर दोनों पर मानसिक दबाव बनाया गया और महिला से जबरन बयान बदलवाने की कोशिश की गई।
जांच आगे बढ़ने पर यह भी सामने आया कि इंस्पेक्टर के शहर के एक प्रभावशाली अधिवक्ता से भी करीबी संबंध थे, जिसके कारण मामले को दबाने की कोशिश की गई। सत्य सामने आने के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू हो गई है। यह घटना पुलिस कार्यप्रणाली और संवैधानिक अधिकारों पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Join WhatsApp Group