
मामले की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी जसजीत कौर ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई। उन्होंने साफ कहा कि सरकारी अस्पतालों में इस तरह की स्थिति अस्वीकार्य है और यह मरीजों की सुरक्षा के साथ सीधा खिलवाड़ है।
डीएम ने मुख्य चिकित्सा अधीक्षक समेत संबंधित स्टाफ से जवाब तलब किया है और अस्पताल परिसर की सफाई-व्यवस्था को तुरंत सुधारने के निर्देश दिए हैं। साथ ही वार्डों की नियमित जांच, भोजन की सुरक्षित व्यवस्था और निगरानी बढ़ाने पर जोर दिया गया है।
