संविधान दिवस की रैली में युवाओं का उत्साह देखने लायक रहा। आंखों में नए सपने और बदलाव की उम्मीद लिए हजारों युवा चंद्रशेखर से खास उम्मीदें लेकर पहुंचे। बसें दूर रोकने के बावजूद पैदल चलते हुए युवाओं की भीड़ राजकीय मैदान तक उमड़ पड़ी। रैली ने स्पष्ट कर दिया कि युवा नेतृत्व के रूप में चंद्रशेखर उनके लिए नई उम्मीद बनकर उभरे हैं।