मुज़फ्फरनगर। शहर में भगवान वाल्मीकि के नाम पर चौक स्थापित करने की माँग एक बार फिर तेज हो गई है। वाल्मीकि समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि नगर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों का नामकरण लगातार हो रहा है, लेकिन समाज के महापुरुष एवं आद्यकवि भगवान वाल्मीकि को अब तक वह स्थान नहीं दिया गया, जिसके वे हकदार हैं।
रविवार को आयोजित बैठक में समुदाय के सामाजिक पदाधिकारी विनोद वाल्मीकि, निरंजन कुमार, ओमप्रकाश वाल्मीकि, रोहित कुमार और संतोष कश्यप सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि पहले टाउनहॉल रोड क्षेत्र में भगवान वाल्मीकि चौक का नाम रखा गया था, लेकिन अतिक्रमण हटाने के दौरान चौक का नाम और चिन्ह दोनों हटा दिए गए, जबकि अन्य चौकों को संरक्षित रखा गया।
बैठक में समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन के समक्ष जिन प्रमुख स्थानों का प्रस्ताव रखा, उनमें —
माहवरी चौक, रेलवे रोड टी-पॉइंट, ईदगाह चौक, नगर पालिका परिसर और टाउनहॉल रोड का चौराहा शामिल हैं।
समुदाय का कहना है कि इन स्थानों में से किसी एक को चुनकर स्थायी चौक विकसित किया जा सकता है।
नेताओं ने कहा कि नगर में अटल बिहारी वाजपेयी चौक और चौधरी चरण सिंह चौक जैसे सम्मानजनक नामकरण किए गए हैं, ऐसे में भगवान वाल्मीकि के योगदान की उपेक्षा समाज के लिए निराशाजनक है। प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय मंत्री डॉ. संजीव बालियान, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल और पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप इस विषय पर पहल करेंगे।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि यदि मांग पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो समुदाय ज्ञापन कार्यक्रम और शांतिपूर्ण जन-जागरण अभियान चलाएगा। वक्ताओं का कहना था कि भगवान वाल्मीकि केवल एक समाज के प्रतीक नहीं, बल्कि भारतीय साहित्य, संस्कृति और दर्शन के प्रमुख आधार हैं — इसलिए उनके नाम पर चौक विकसित होना शहर के सम्मान का विषय है।
