शामली। जनपद पुलिस ने वाहन चोरी के बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए अंतरराज्यीय बाइक चोर गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने बंद पड़ी पटाखा फैक्ट्री के खंडहर से चोरी की 14 बाइकें बरामद की हैं। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के कई जिलों में वाहन चोरी की घटनाओं को अंजाम देकर लंबे समय से सक्रिय था। गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है।कैराना कोतवाली पुलिस को वाहन चोरी में सक्रिय गिरोह के बारे में लगातार सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह के निर्देशन में विशेष अभियान चलाया गया। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक समयपाल अत्री के नेतृत्व में पुलिस टीम क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक युवक संदिग्ध हालत में चोरी की बाइक के साथ पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम नदीम निवासी गांव लिलौन बताया।शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपने पूरे नेटवर्क का खुलासा कर दिया। आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों शारिक उर्फ जीशा और परवेज उर्फ फौजी के साथ मिलकर अलग-अलग राज्यों से बाइक चोरी करता था। चोरी के बाद वाहनों को कुछ समय तक सुनसान स्थानों पर छिपाकर रखा जाता था और फिर फर्जी दस्तावेज तैयार कर बेच दिया जाता था।आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने भूरा-बराला रोड स्थित बंद पड़ी पटाखा फैक्ट्री पर छापा मारा। फैक्ट्री के जर्जर परिसर में अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखी गई 13 अन्य बाइकें बरामद हुईं। इस तरह कुल 14 चोरी की बाइकें पुलिस ने कब्जे में ली हैं। पुलिस अब इन वाहनों के असली मालिकों की जानकारी जुटाने में लगी है।जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह बेहद शातिर तरीके से काम करता था। आरोपी चोरी के लिए भीड़भाड़ वाले बाजार, रेलवे स्टेशन और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते थे। बाइक चोरी करने के बाद नंबर प्लेट बदल दी जाती थी, ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अधीक्षक एनपी सिंह ने बताया कि गिरोह के फरार सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।