मुजफ्फरनगर। जनपद के धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के अंतर्गत मुजफ्फरनगर जनपद में पर्यटन विकास की सात महत्वपूर्ण परियोजनाओं के लिए कुल 7 करोड़ 88 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं के माध्यम से प्राचीन धरोहरों का संरक्षण, सौंदर्यीकरण और आधुनिक सुविधाओं का विकास कराया जाएगा।प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि सरकार का उद्देश्य धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखते हुए पर्यटन को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन और प्रधानमंत्री की प्रेरणा से मेरठ मंडल के अंतर्गत आने वाले मुजफ्फरनगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है।स्वीकृत परियोजनाओं में मीरापुर स्थित प्रसिद्ध शुकतीर्थ परिसर को विशेष प्राथमिकता दी गई है। यहां कार्यालय भवन निर्माण के लिए 3 करोड़ 90 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा शुकतीर्थ स्थित प्राचीन शुकदेव मंदिर एवं ऐतिहासिक वटवृक्ष के पर्यटन विकास हेतु 35 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं रविदास मंदिर परिसर के विकास के लिए भी 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे।पर्यटन विभाग द्वारा खतौली विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नवला स्थित देवस्थान के विकास के लिए 58 लाख रुपये तथा जानसठ क्षेत्र में शिव मंदिर के पास भगवान महर्षि कश्यप की स्मारक स्थापना के लिए 58 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अतिरिक्त जनपद के प्राचीन सिद्धपीठ मंदिर के पर्यटन विकास हेतु 51 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है।बुढ़ाना विधानसभा क्षेत्र में स्थित प्राचीन सिद्धपीठ श्री बाबा काली सिंह मंदिर में बहुउद्देशीय सुविधाओं के विकास के लिए 1 करोड़ 6 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन योजनाओं के तहत श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं, सौंदर्यीकरण, मार्ग विकास और अन्य आवश्यक निर्माण कार्य कराए जाएंगे।पर्यटन मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता केवल धार्मिक स्थलों का विकास ही नहीं, बल्कि प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित कर भावी पीढ़ियों तक पहुंचाना भी है। उन्होंने बताया कि सभी परियोजनाओं का कार्य उत्तर प्रदेश परियोजना एवं विकास निगम (यूपीएवीपी) द्वारा कराया जाएगा तथा कार्यों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं।