मुज़फ्फरनगर। जिला प्रशासन ने हैदरपुर वेटलैंड को पर्यटन हब बनाने की दिशा में एक और ठोस कदम बढ़ाते हुए गुरुवार को “पानी की पाठशाला” कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण, पर्यावरण सुरक्षा और वेटलैंड के महत्व को आम जनता तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सहारनपुर मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर शुरुआत की और जनता को जल संरक्षण का संकल्प दिलाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पानी बचाना भविष्य बचाने के समान है। डॉ. रूपेश ने कहा कि किसान पराली न जलाएं, क्योंकि यह फसल के लिए प्राकृतिक खाद का काम करती है और पर्यावरण प्रदूषण भी कम होता है।
डीएम उमेश मिश्रा ने कहा कि हैदरपुर वेटलैंड एक महत्वपूर्ण रामसर साइट है, जहां हर साल बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी पहुंचते हैं। इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने से पर्यावरण संरक्षण के लिए जनभागीदारी बढ़ेगी और स्थानीय समुदाय को आय के नए स्रोत मिलेंगे।

कार्यक्रम में विभिन्न स्कूलों के छात्रों ने नाटकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से जल एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया, जिसे लोगों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में पद्मश्री सम्मानित व्यक्तित्वों सहित जिले के कई वरिष्ठ अधिकारी—सीडीओ, एडीएम, एसपी, वनाधिकारी, एसडीएम, तहसीलदार और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहीं।
प्रशासन का मानना है कि “पानी की पाठशाला” जैसी पहलें न केवल पर्यावरण जागरूकता बढ़ाएंगी बल्कि वेटलैंड को एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में स्थापित करने का मार्ग भी प्रशस्त करेंगी।

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