मेरठ। महानगर की सफाई व्यवस्था को आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। शहर को स्वच्छ, धूलमुक्त और बेहतर पर्यावरणीय माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करीब 15 करोड़ रुपये की लागत वाली अत्याधुनिक सफाई योजना का शुभारंभ किया गया। शुक्रवार को लोकसभा सांसद अरुण गोविल, कैंट विधायक अमित अग्रवाल, मेयर हरिकांत अहलूवालिया और नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने नई सफाई व्यवस्था में शामिल आधुनिक मशीनों और वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।नगर निगम अधिकारियों के अनुसार नई व्यवस्था के तहत शहर की प्रमुख सड़कों की सफाई अब अत्याधुनिक रोड स्वीपिंग मशीनों, वाटर स्प्रिंकलर और डस्ट कंट्रोल उपकरणों की सहायता से की जाएगी। इस योजना का उद्देश्य केवल कूड़ा हटाना ही नहीं, बल्कि सड़कों पर उड़ने वाली धूल को नियंत्रित कर वायु गुणवत्ता में सुधार लाना भी है। नगर निगम ने इसके लिए शहर के विभिन्न हिस्सों को चिन्हित कर विशेष कार्ययोजना तैयार की है।मेयर हरिकांत अहलूवालिया ने कहा कि बढ़ती आबादी, वाहनों के दबाव और विस्तारित शहरी क्षेत्र को देखते हुए पारंपरिक सफाई व्यवस्था पर्याप्त नहीं रह गई थी। ऐसे में तकनीक आधारित मैकेनिकल रोड स्वीपिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे सफाई कार्य अधिक प्रभावी और व्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। उन्होंने बताया कि नगर निगम का लक्ष्य आगामी स्वच्छता सर्वेक्षण में मेरठ को देश के अग्रणी स्वच्छ शहरों की श्रेणी में पहुंचाना है।योजना के तहत करीब 119 किलोमीटर लंबी मुख्य सड़कों और व्यस्त मार्गों की नियमित मशीन आधारित सफाई की जाएगी। कई प्रमुख बाजारों और व्यावसायिक क्षेत्रों में प्रतिदिन दो बार सफाई अभियान चलाया जाएगा ताकि नागरिकों को साफ-सुथरा वातावरण मिल सके। वहीं कई प्रमुख मार्गों पर मशीनों के साथ-साथ मैनुअल सफाई व्यवस्था भी जारी रहेगी।नगर आयुक्त सौरभ गंगवार ने बताया कि नई व्यवस्था में केवल सड़क सफाई ही शामिल नहीं है, बल्कि डिवाइडरों की सफाई, सड़क किनारे नालों का रखरखाव, पौधों की सिंचाई एवं छंटाई तथा विशेष अवसरों और त्योहारों के दौरान अतिरिक्त सफाई व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। इसके लिए संबंधित एजेंसियों को विस्तृत जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।नगर निगम का मानना है कि इस परियोजना के लागू होने से शहर की सड़कों पर धूल और गंदगी में उल्लेखनीय कमी आएगी, यातायात वाले क्षेत्रों की साफ-सफाई बेहतर होगी और नागरिकों को अधिक स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध हो सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह पहल मेरठ की स्वच्छता रैंकिंग सुधारने के साथ-साथ शहर की आधुनिक पहचान को भी मजबूती प्रदान करेगी।