मुजफ्फरनगर। चरथावल थाना क्षेत्र के रोनी हरजीपुर गांव में बच्चों के बीच हुए मामूली विवाद ने अचानक हिंसक रूप धारण कर लिया। एक ही समुदाय के दो पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते गांव की गलियां लाठी-डंडों तथा ईंट-पत्थरों की गूंज से भर उठीं। दोनों पक्षों के बीच हुई मारपीट और पथराव से गांव में अफरा-तफरी मच गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार गांव में बच्चों के बीच खेल के दौरान किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई थी। शुरू में मामला सामान्य विवाद तक सीमित था, लेकिन कुछ ही समय में दोनों पक्षों के परिजन और अन्य लोग भी इसमें शामिल हो गए। विवाद बढ़ने के साथ दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और एक-दूसरे पर लाठी-डंडों तथा ईंट-पत्थरों से हमला कर दिया। अचानक हुई इस झड़प से ग्रामीणों में दहशत फैल गई और आसपास के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे।वायरल वीडियो में कई लोग समूह बनाकर एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। गांव की गलियों में हो रहे पथराव और मारपीट के कारण काफी देर तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार विवाद इतना बढ़ गया कि कुछ लोगों ने घरों की छतों से भी पत्थरबाजी की, जिससे आसपास के लोगों में भय का माहौल पैदा हो गया।घटना की सूचना मिलते ही चरथावल थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए उपद्रव कर रहे लोगों को मौके से खदेड़ा और दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस की तत्परता के चलते बड़ा नुकसान होने से बच गया और गांव में शांति व्यवस्था बहाल कर दी गई।थाना प्रभारी सत्यनारायण दहिया ने बताया कि घटना बच्चों के बीच हुए विवाद के बाद हुई थी। मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इसके अलावा वायरल वीडियो की जांच कर अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। वीडियो में दिखाई देने वाले प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका की पड़ताल की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गांव में फिलहाल स्थिति सामान्य है, लेकिन एहतियात के तौर पर पुलिस निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी।