मुजफ्फरनगर, 3 सितंबर 26 । भारत की जनगणना-2027 के द्वितीय चरण यानी जनसंख्या गणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) एवं जिला जनगणना अधिकारी अनिरुद्ध प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक हुई। इसमें विभिन्न विभागों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए जनगणना कार्य को शुद्धता, पारदर्शिता और निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।अपर जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना देश के सबसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यों में शामिल है। इससे देश और प्रदेश की सामाजिक, आर्थिक तथा जनसांख्यिकीय स्थिति से संबंधित महत्वपूर्ण आंकड़े प्राप्त होते हैं। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर विकास योजनाओं के निर्माण, सरकारी योजनाओं के संचालन और संसाधनों के बेहतर आवंटन में सहायता मिलती है। इसलिए जनगणना-2027 का कार्य पूरी गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कराया जाना जरूरी है।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसंख्या गणना से पहले की सभी तैयारियां निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएं। गणना क्षेत्र, मकानों और परिवारों से संबंधित विवरण का विभागवार और क्षेत्रवार परीक्षण किया जाए, ताकि वास्तविक गणना के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो। प्रत्येक परिवार और व्यक्ति की जानकारी निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सावधानीपूर्वक दर्ज करने पर भी जोर दिया गया।बैठक में जनगणना के लिए लगाए जाने वाले प्रगणकों और पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण की तैयारियों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रशिक्षण की विस्तृत रूपरेखा तैयार कर सभी कर्मचारियों को उनके दायित्व, गणना की प्रक्रिया, कार्यक्षेत्र और निर्धारित नियमों की जानकारी दी जाए।डिजिटल माध्यम से आंकड़े दर्ज किए जाने की प्रक्रिया का व्यवहारिक प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को तकनीकी उपकरणों के संचालन के साथ-साथ संभावित समस्याओं और उनके समाधान की जानकारी भी दी जाए।बैठक में जनगणना के दौरान इस्तेमाल होने वाली डिजिटल व्यवस्था, तकनीकी संसाधनों और अन्य लॉजिस्टिक तैयारियों की समीक्षा की गई। अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आवश्यक उपकरण, इंटरनेट कनेक्टिविटी और तकनीकी सहायता की व्यवस्था समय से सुनिश्चित की जाए। डिजिटल माध्यम से दर्ज होने वाले आंकड़ों की शुद्धता के साथ उनकी गोपनीयता का भी विशेष ध्यान रखा जाए।उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। राजस्व, पंचायती राज, शिक्षा, नगरीय निकाय, आइटी समेत अन्य विभागों को अपने-अपने दायित्वों की नियमित समीक्षा करने को कहा गया। किसी भी स्तर पर आने वाली समस्या को तत्काल जिला जनगणना कार्यालय के संज्ञान में लाने के निर्देश दिए गए ।अपर जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जनगणना में जुटाए जाने वाले आंकड़ों की शुद्धता, विश्वसनीयता और गोपनीयता सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। सभी कर्मचारियों को निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि जनगणना राष्ट्रीय महत्व का कार्य है और इसमें प्रत्येक अधिकारी व कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण है। कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में जनगणना कार्य की नियमित समीक्षा, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार सभी तैयारियां पूरी करने पर जोर दिया गया।बैठक में उप जिलाधिकारी सदर, उप जिलाधिकारी जानसठ, तहसीलदार सदर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर सहित जनगणना कार्य से जुड़े अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।