मुजफ्फरनगर, 3 सितंबर 26 । गोवंश संरक्षण और गौशालाओं की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए उत्तर प्रदेश गौ सेवा आयोग के उपाध्यक्ष महेश कुमार शुक्ल और सदस्य दीपक गोयल ने गुरुवार को जिले की कई गौशालाओं का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने गोवंश के स्वास्थ्य, चारे, पेयजल, साफ-सफाई, शेड और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। व्यवस्थाओं में सुधार के लिए संबंधित अधिकारियों और गौशाला संचालकों को कड़े निर्देश दिए गए।आयोग के उपाध्यक्ष और सदस्य ने पुरकाजी क्षेत्र के तुगलकपुर स्थित विशाल काऊ सेंचुरी, सदर विकासखंड के रामपुर तिराहा स्थित गौशाला तथा चरथावल विकासखंड की पीपल शाह गौशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गोवंश की संख्या, उनके रखरखाव और उपलब्ध सुविधाओं का मौके पर जायजा लिया।निरीक्षण के दौरान उपाध्यक्ष ने गोवंश को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने पारंपरिक चोकर के स्थान पर उच्च गुणवत्ता वाला संतुलित पशु आहार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही गोवंश को बाड़ों में अनावश्यक रूप से बांधकर रखने के बजाय पर्याप्त स्थान में खुला रखने की व्यवस्था करने को कहा।उन्होंने बड़े और छोटे गोवंश के साथ मादा पशुओं के लिए अलग-अलग बाड़े बनाने के निर्देश दिए, ताकि पशुओं की सुरक्षा और बेहतर देखभाल सुनिश्चित हो सके। गौशालाओं में सफाई व्यवस्था नियमित रखने तथा संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए समय-समय पर छिड़काव कराने को भी कहा गया।आयोग के पदाधिकारियों ने गोवंश के भरण-पोषण, आवक-जावक और स्वास्थ्य परीक्षण से जुड़े अभिलेखों को नियमित और पारदर्शी तरीके से दर्ज करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रजिस्टर और अन्य अभिलेखों में किसी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी नहीं होनी चाहिए।उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों का कड़ाई से पालन कराया जाए। व्यवस्थाओं में लापरवाही अथवा अभिलेखों में हेरफेर मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। निर्देशों के अनुपालन की जिम्मेदारी संबंधित खंड विकास अधिकारियों और नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों की होगी।निरीक्षण के दौरान मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता समेत प्रशासनिक अधिकारी, पशु चिकित्सा विभाग के चिकित्सक और गौशालाओं के कर्मचारी मौजूद रहे।