50-50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरा, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की थी तैयारी
नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन की तैयारी कर रहे सीजेपी के तीन नेताओं अभिजीत दीपके, सौरभ दास और आशुतोष रांका को दिल्ली की अदालत से राहत मिल गई। रविवार सुबह तीनों को हिरासत से रिहा कर दिया गया। अदालत ने उन्हें एक वर्ष तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त पर रिहा करने का आदेश दिया। इसके लिए तीनों को 50-50 हजार रुपये का जमानती मुचलका भरना पड़ा।दिल्ली पुलिस के मुताबिक, तीनों नेताओं को शनिवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर विमान से हिरासत में लिया गया था। इसके बाद उन्हें दिल्ली कैंट स्थित कार्यकारी मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 126 और 170 के तहत एहतियातन कार्रवाई की थी। कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद अदालत ने तीनों को रिहा करने का आदेश दिया। हालांकि, रिहाई के साथ एक वर्ष तक शांति बनाए रखने और अच्छे व्यवहार की शर्त भी लगाई गई है।दरअसल, सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने का ऐलान किया था। संगठन की ओर से लगातार दूसरे दिन भी प्रदर्शन की तैयारी की गई थी। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे समर्थकों को रास्ते में रोक दिया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब सात हजार लोगों को हिरासत में लिए जाने का भी दावा किया गया है।उधर, दिल्ली में रेलगाड़ियों को रद्द करने और मेट्रो स्टेशन बंद रखे जाने का मामला भी न्यायालय तक पहुंच गया है। इस प्रकरण में गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और दिल्ली मेट्रो रेल निगम के अध्यक्ष के खिलाफ अदालत के आदेशों की कथित अवहेलना को लेकर अवमानना की कार्रवाई की मांग की गई है। स्क्रीनशॉट में दी गई जानकारी के अनुसार, उच्चतम न्यायालय ने मेट्रो और रेल सेवाओं को पूरी तरह बंद नहीं करने का निर्देश दिया था। हालांकि, इस मामले की सुनवाई और संबंधित आदेशों की वर्तमान स्थिति की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।