मुजफ्फरनगर। युवाओं को नशे के दुष्परिणामों से रूबरू कराने और समाज को इस बुराई से बचाने के लिए बुढ़ाना में युवा संसद का आयोजन किया गया। डीएवी डिग्री कॉलेज में हुए कार्यक्रम में करीब 100 युवाओं ने भाग लेकर नशामुक्त समाज बनाने की शपथ ली। युवाओं ने अपने गांव और मोहल्लों में जागरूकता अभियान चलाने की बात भी कही।मेरा युवा भारत, मुजफ्फरनगर की ओर से राष्ट्रीय एकता दिवस पर आयोजित इस कार्यक्रम की थीम ‘नशामुक्त युवा-विकसित भारत’ रखी गई। इसमें विशेषज्ञों ने युवाओं को नशे की लत से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक नुकसान के बारे में बताया। साथ ही नशे की गिरफ्त में आने वाले लोगों को इससे बाहर निकालने में काउंसलिंग की भूमिका भी समझाई।चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ के मनोविज्ञान विभाग के प्रोफेसर संजय कुमार ने नशे की लत के कारणों, दुष्परिणामों और बचाव के उपायों पर जानकारी दी। डीएवी डिग्री कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. रणजीत सिंह ने युवाओं से नशे से दूरी बनाकर समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचाने का आह्वान किया।मेंटल हेल्थ मिशन इंडिया की काउंसलिंग साइकोलॉजिस्ट प्रिया पॉल और सागर तोमर ने युवाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने मानसिक स्वास्थ्य पर नशे के प्रभाव और काउंसलिंग के महत्व को समझाया। वहीं, राष्ट्रीय युवा स्वयंसेवक शिवम सैनी ने मेरा युवा भारत पोर्टल और उससे जुड़ने के अवसरों की जानकारी दी।कार्यक्रम की अध्यक्षता कॉलेज प्राचार्य डॉ. प्रदीप कुमार ने की। जिला युवा अधिकारी अवेक्षा कपूर भी मौजूद रहीं। युवा संसद में प्रतिभागियों ने स्थानीय स्तर पर नशे की समस्या से निपटने के सुझाव रखे। आयोजन में अंश वत्स, पूजा, सरिता, शिवम सैनी और एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी जोनी सैनी का सहयोग रहा।