पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार को बड़ा बदलाव देखने को मिला, जब भारतीय जनता पार्टी ने पहली बार पूर्ण बहुमत के साथ राज्य की सत्ता संभाली। भाजपा विधायक दल के नेता शुभेंदु अधिकारी ने कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह के दौरान पूरे मैदान में भाजपा समर्थकों का उत्साह चरम पर दिखाई दिया।हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 294 में से 207 सीटें जीतकर ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। लंबे समय से बंगाल की राजनीति में जमे समीकरणों को बदलते हुए भाजपा ने पहली बार अपने दम पर सरकार बनाई है। इस मौके को पार्टी ने राजनीतिक और सांस्कृतिक रूप से खास बनाने की पूरी कोशिश की। समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ समेत कई वरिष्ठ भाजपा नेता और एनडीए सहयोगी दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भावुक अंदाज लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा। मंच पर पहुंचते ही उन्होंने सबसे पहले गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद प्रधानमंत्री ने जनता की ओर झुककर साष्टांग प्रणाम किया और बंगालवासियों के प्रति आभार व्यक्त किया। रवींद्र जयंती के दिन आयोजित इस कार्यक्रम ने माहौल को भावनात्मक रंग भी दे दिया। प्रधानमंत्री ने बाद में सोशल मीडिया पर भी बंगाल की जनता को धन्यवाद देते हुए इसे लोकतंत्र की जीत बताया।मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तनिया, खुदीराम टुडू और निसिथ प्रमाणिक प्रमुख रहे। नई सरकार के गठन के बाद शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि उनकी प्राथमिकता बंगाल में विकास को गति देना, निवेश बढ़ाना और कानून व्यवस्था को मजबूत करना होगी। उन्होंने ‘सोनार बांग्ला’ के निर्माण का संकल्प दोहराते हुए कहा कि सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करेगी।समारोह के दौरान एक भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब प्रधानमंत्री मोदी ने भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। जनसंघ के दौर से पार्टी से जुड़े माखनलाल सरकार को मिले इस सम्मान ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। भाजपा नेताओं ने इसे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं के सम्मान का प्रतीक बताया।शपथ ग्रहण समारोह को लेकर कोलकाता में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। ब्रिगेड परेड मैदान के आसपास भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षा बल तैनात रहे। शहर में दिनभर राजनीतिक हलचल और जश्न का माहौल बना रहा।