लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने रविवार को मंत्रिमंडल विस्तार करते हुए राजनीतिक और सामाजिक समीकरणों को साधने का बड़ा संदेश दिया। राजधानी लखनऊ स्थित जन भवन में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में कुल आठ नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इस विस्तार में पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल, दलित, पिछड़ा और ब्राह्मण वर्ग के नेताओं को प्रतिनिधित्व देकर भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों के संकेत भी दे दिए हैं।मंत्रिमंडल में भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी की एंट्री को सबसे अहम माना जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट समाज के प्रभावशाली चेहरे के रूप में पहचान रखने वाले भूपेंद्र चौधरी लंबे समय से संगठन में सक्रिय रहे हैं। इससे पहले वह पंचायती राज विभाग की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। उनके शामिल होने को पश्चिमी यूपी में भाजपा की रणनीति को मजबूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक मनोज कुमार पांडेय को भी मंत्रिमंडल में स्थान दिया गया है। पूर्व में समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रह चुके पांडेय हाल के समय में भाजपा के करीब आए और अब उन्हें सरकार में अहम जिम्मेदारी देकर पार्टी ने ब्राह्मण वोट बैंक को साधने का प्रयास किया है।कन्नौज की तिर्वा सीट से विधायक कैलाश सिंह राजपूत को भी मंत्री बनाया गया है। लंबे राजनीतिक अनुभव वाले कैलाश सिंह विभिन्न दलों में सक्रिय रहने के बाद भाजपा में लौटे थे और लगातार क्षेत्रीय राजनीति में मजबूत पकड़ बनाए हुए हैं। वहीं भाजपा विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा को मंत्री बनाकर पार्टी ने पिछड़ा वर्ग के बीच बड़ा संदेश देने की कोशिश की है। संगठन में बूथ स्तर से राजनीति शुरू करने वाले विश्वकर्मा को पूर्वांचल क्षेत्र में भाजपा का मजबूत चेहरा माना जाता है।अलीगढ़ जिले की खैर विधानसभा सीट से विधायक सुरेंद्र दिलेर को भी मंत्रिमंडल में शामिल किया गया है। दलित समाज में प्रभाव रखने वाले सुरेंद्र दिलेर युवा नेतृत्व के तौर पर तेजी से उभरे हैं। इसके अलावा फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान को भी मंत्री पद देकर भाजपा ने दलित महिला नेतृत्व को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। साधारण पृष्ठभूमि से राजनीति में आईं कृष्णा पासवान कई बार विधायक रह चुकी हैं और क्षेत्र में मजबूत जनाधार रखती हैं।मंत्रिमंडल विस्तार में मेरठ दक्षिण सीट से विधायक सोमेंद्र तोमर और कानपुर देहात की सिकंदरा सीट से विधायक अजीतपाल सिंह के कद में भी बढ़ोतरी की गई है। दोनों नेताओं को पहले से अधिक जिम्मेदारियां देकर सरकार ने उनके राजनीतिक प्रभाव को और मजबूत किया है। सोमेंद्र तोमर ऊर्जा विभाग में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जबकि अजीतपाल सिंह तकनीकी और सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े विभागों में कार्यरत हैं।राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने इस विस्तार के जरिए स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी अब 2027 के विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर संतुलन बनाने में जुट गई है। मंत्रिमंडल में क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को प्राथमिकता देकर पार्टी ने विभिन्न वर्गों के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश की है।