अयोध्या/कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चर्चित चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में जांच एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम बंगाल सीआईडी ने उत्तर प्रदेश पुलिस की मदद से मामले के मुख्य आरोपी और कथित शार्प शूटर राज सिंह को अयोध्या से गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के साथ ही यूपी और बिहार से कुल तीन संदिग्ध शूटरों को हिरासत में लिया गया है। सोमवार को सभी आरोपियों को बारासात कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उन्हें 13 दिन की सीआईडी रिमांड पर भेज दिया।बताया जा रहा है कि चंद्रनाथ रथ, जो पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक थे, की 6 मई को मध्यमग्राम इलाके में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद से सीआईडी लगातार आरोपियों की तलाश में जुटी थी। जांच के दौरान एजेंसी को सूचना मिली कि मुख्य आरोपी राज सिंह उत्तर प्रदेश में मौजूद है और लखनऊ से गोरखपुर की ओर जा रहा है। इसी इनपुट पर बंगाल सीआईडी और अयोध्या पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाया।अयोध्या के कोतवाली क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर बूथ नंबर चार के पास पुलिस ने घेराबंदी कर एक संदिग्ध कार को रोका। पुलिस टीम ने कार को चारों तरफ से घेरकर तलाशी ली, जिसमें बलिया निवासी राज सिंह मौजूद मिला। इसके बाद उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपी लखनऊ में एक एमएलसी की बेटी की शादी समारोह में शामिल होकर लौट रहा था।गिरफ्तारी के समय आरोपी की मां जामवंती सिंह भी उसके साथ थीं। उन्होंने बेटे को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि घटना वाले दिन राज सिंह अपनी दुकान पर मौजूद था और उसके पास सीसीटीवी फुटेज भी है। मां के अनुसार परिवार शादी समारोह में शामिल होने के बाद पिछौछा शरीफ और अयोध्या दर्शन के लिए गया था, तभी पुलिस ने रास्ते में रोक लिया।हालांकि सीआईडी अधिकारियों का कहना है कि जांच में राज सिंह की भूमिका हत्या की साजिश और फायरिंग दोनों में सामने आई है। एजेंसी अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि इस हत्याकांड के पीछे किसका हाथ था और क्या इसमें कोई बड़ा आपराधिक नेटवर्क शामिल है।