गाजियाबाद पुलिस ने नेशनल हाईवे-9 पर हुई चर्चित कैशवैन डकैती का खुलासा करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने फिल्मी अंदाज में वारदात को अंजाम देने से पहले करीब छह महीने तक रेकी की थी और लूट के तरीके इंटरनेट व यूट्यूब के जरिए सीखे थे।पुलिस कमिश्नरेट की स्वाट टीम और थाना क्रॉसिंग रिपब्लिक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहम्मद कैफ और मोहम्मद रिजवान के रूप में हुई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटी गई रकम में से करीब 8 लाख 6 हजार रुपये, वारदात में इस्तेमाल की गई बलेनो कार, अवैध हथियार और कुल्हाड़ी बरामद की है।डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के अनुसार, यह पूरी साजिश बेहद सुनियोजित तरीके से तैयार की गई थी। आरोपियों ने कई महीनों तक ‘इंडिया वन’ कैशवैन की गतिविधियों पर नजर रखी। छह मई को मौका मिलते ही बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया। जब कैशवैन का गार्ड और कर्मचारी एटीएम में कैश डालने के लिए अंदर गए, तभी पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने चालक पर तमंचा तान दिया और उसे नीचे धक्का देकर वैन लेकर फरार हो गए।वारदात के दौरान बदमाशों ने दहशत फैलाने के लिए हवाई फायरिंग भी की थी। इसके बाद आरोपी कैशवैन को दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेस-वे होते हुए मसूरी क्षेत्र तक ले गए। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वैन के अंदर रखी कुल्हाड़ी से उन्होंने कैश लॉकर तोड़ा और पहचान छिपाने के लिए सीसीटीवी का डीवीआर भी क्षतिग्रस्त कर दिया।पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी रिजवान कानून की पढ़ाई कर रहा है, जबकि कैफ फर्नीचर का काम करता है। दोनों ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर पूरी वारदात की योजना बनाई थी। पुलिस अब इस गैंग के मास्टरमाइंड जुबैर समेत फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे गिरोह को गिरफ्तार कर मामले का पूर्ण खुलासा किया जाएगा। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने पहले कहीं और भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया।

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