मेरठ। स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) और मेरठ पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाते हुए अलीगढ़ के चर्चित राव दानिश हिलाल हत्याकांड में फरार चल रहे एक लाख रुपये के इनामी अपराधी जुबैर को मुठभेड़ में मार गिराया। पुलिस कार्रवाई के दौरान इलाके में कई राउंड फायरिंग हुई, जिससे आसपास के क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया।पुलिस अधिकारियों के अनुसार एसटीएफ को इनपुट मिला था कि लंबे समय से फरार चल रहा बदमाश जुबैर मेरठ के लोहिया नगर क्षेत्र में आने वाला है। सूचना मिलते ही एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने अलीपुर इलाके में संयुक्त रूप से घेराबंदी कर सघन चेकिंग अभियान शुरू कर दिया। इसी दौरान एक संदिग्ध युवक मोटरसाइकिल पर आता दिखाई दिया। पुलिस टीम ने उसे रुकने का संकेत दिया, लेकिन वह तेजी से भागने लगा।बताया गया कि पीछा किए जाने पर आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने भी मोर्चा संभालते हुए कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान जुबैर गोली लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस उसे तत्काल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंची, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।घटनास्थल से पुलिस ने दो अवैध 32 बोर पिस्टल, जिंदा कारतूस, खोखा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में था और उसकी गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी।जांच में सामने आया कि जुबैर अलीगढ़ में हुए बहुचर्चित राव दानिश हिलाल हत्याकांड में वांछित था। दिसंबर 2025 में अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से जुड़े शिक्षक राव दानिश हिलाल की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज हत्याकांड के बाद से जुबैर फरार चल रहा था और उसकी गिरफ्तारी पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया था।वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय ने बताया कि मारा गया बदमाश अलीगढ़ के बरला क्षेत्र के नौशा गांव का निवासी था और दिल्ली के शाहीन बाग इलाके में छिपकर रह रहा था। वह कुख्यात मुनीर गैंग से जुड़ा हुआ था और उसके खिलाफ हत्या, लूट, डकैती, गैंगवार, हत्या के प्रयास और एनडीपीएस एक्ट समेत कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे।पुलिस अब जुबैर के अन्य साथियों और उसके आपराधिक नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। वहीं मुठभेड़ के बाद इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ा दी गई है।