मुजफ्फरनगर, 31 मई 26। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में कथित रूप से आरडीएफ (ईंधन हेतु तैयार कचरा) के परिवहन और निस्तारण को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। भारतीय किसान यूनियन (अराजनैतिक) ने इस मुद्दे को ग्रामीणों के स्वास्थ्य, पर्यावरण और खेती-किसानी से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन का आरोप है कि आरडीएफ कचरे से फैल रही दुर्गंध और प्रदूषण के कारण ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों का जीवन प्रभावित हो रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग अब तक प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहे हैं।किसान नेताओं ने कहा कि पिछले कई महीनों से गांवों में आरडीएफ कचरे को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरे के कारण वातावरण दूषित हो रहा है और लोगों को सांस संबंधी परेशानियों सहित अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद समस्या के समाधान की दिशा में अपेक्षित कदम नहीं उठाए गए हैं।भाकियू (अराजनैतिक) ने इस मामले पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर भी सवाल उठाए हैं। संगठन का कहना है कि जनता से जुड़े इतने महत्वपूर्ण विषय पर निर्वाचित प्रतिनिधियों को खुलकर सामने आना चाहिए और ग्रामीणों के हित में आवाज उठानी चाहिए। किसानों का कहना है कि यदि सभी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर पहल करें तो आरडीएफ कचरे से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान संभव है।हाल ही में आरडीएफ से जुड़े एक वाहन को रोककर की गई पूछताछ का मामला भी चर्चा का विषय बना हुआ है। इस घटना के बाद ग्रामीणों में मामले को लेकर जागरूकता बढ़ी है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। किसान संगठन का कहना है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए।संगठन ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि शीघ्र प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो किसान व्यापक आंदोलन शुरू करेंगे। किसानों का कहना है कि ग्रामीणों के स्वास्थ्य और पर्यावरण से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा आवश्यकता पड़ने पर जिला मुख्यालय पर बड़ा धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा।