लखनऊ, 31 मई 26। प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हाल के दिनों में हुई हत्या और अन्य गंभीर आपराधिक घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गहरी नाराजगी व्यक्त की है। शनिवार देर रात मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों के साथ विशेष समीक्षा बैठक कर अपराध नियंत्रण की व्यवस्था का विस्तृत परीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों से सीधे जवाब मांगा।मुख्यमंत्री आवास से आयोजित इस उच्चस्तरीय बैठक में प्रदेश के सभी क्षेत्रों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, परिक्षेत्र स्तर के अधिकारी, जिलाधिकारी तथा पुलिस अधीक्षक जुड़े। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन जनपदों की स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जहां हाल के दिनों में हत्या, लूट और अन्य गंभीर अपराधों की घटनाओं ने जनचिंता बढ़ाई है।सूत्रों के अनुसार गाजियाबाद में किशोर की हत्या, गौतमबुद्धनगर में चर्चित हत्याकांड, वाराणसी में व्यापारी की हत्या, लखनऊ में संपत्ति कारोबारी की दिनदहाड़े हत्या, जौनपुर में विवाह समारोह के दौरान युवक की हत्या, गाजीपुर में होटल व्यवसायी की हत्या, पीलीभीत में शिक्षण संस्थान संचालक की हत्या तथा बागपत में एक युवक की निर्मम हत्या जैसे मामलों को लेकर मुख्यमंत्री ने विस्तार से जानकारी ली।बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और कानून का भय अपराधियों में दिखाई देना चाहिए। जिन मामलों में अभी तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है, वहां जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए गए।वाराणसी में व्यापारी की हत्या के बाद उत्पन्न जनाक्रोश और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर उठे सवालों का भी बैठक में उल्लेख हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी घटना के बाद पीड़ित परिवार को त्वरित न्याय दिलाना तथा जनविश्वास बनाए रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों को इसके लिए उत्तरदायी माना जाएगा।बैठक के दौरान अपराध प्रभावित जनपदों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने स्थानीय स्तर पर गश्त बढ़ाने, अपराधियों की निगरानी मजबूत करने और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अपराध की प्रत्येक घटना को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों को शीघ्र कानून के दायरे में लाया जाए।शासन के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि बैठक के बाद कई जनपदों में प्रशासनिक और पुलिस व्यवस्था को लेकर बड़े स्तर पर निर्णय लिए जा सकते हैं। कार्य में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के स्थानांतरण अथवा उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की संभावना भी जताई जा रही है।प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर हुई इस सख्त समीक्षा के बाद पुलिस और प्रशासनिक तंत्र में सक्रियता बढ़ गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में अपराध नियंत्रण को लेकर व्यापक अभियान चलाया जाएगा और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।