नई दिल्ली। आम जनता की रसोई पर एक बार फिर महंगाई की मार पड़ी है। रविवार सुबह तेल विपणन कंपनियों ने घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। इस फैसले के बाद देशभर के करोड़ों घरेलू गैस उपभोक्ताओं को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा।ताजा संशोधन के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 913 रुपये से बढ़कर 942 रुपये हो गई है। इसी प्रकार अन्य महानगरों और विभिन्न राज्यों में भी गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए हैं, जिससे घरेलू बजट पर सीधा असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और ऊर्जा उत्पादों की कीमतों में लगातार उतार-चढ़ाव बना हुआ है। बढ़ती लागत और आयात खर्च के कारण घरेलू एलपीजी की बिक्री पर वित्तीय दबाव बढ़ रहा था। इसी को देखते हुए कीमतों में संशोधन का निर्णय लिया गया है।रसोई गैस की कीमतों में हुई इस वृद्धि से विशेष रूप से मध्यम वर्ग और निम्न आय वर्ग के परिवारों की चिंताएं बढ़ गई हैं। पहले से ही खाद्य पदार्थों, बिजली, परिवहन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों से जूझ रहे लोगों को अब रसोई गैस पर भी अधिक खर्च करना होगा।उपभोक्ताओं का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई ने घरेलू बजट को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई परिवारों ने सरकार से रसोई गैस पर राहत देने और सब्सिडी व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है ताकि आम लोगों को कुछ राहत मिल सके।आर्थिक जानकारों के अनुसार एलपीजी की कीमतों में वृद्धि का असर केवल घरेलू उपभोक्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि छोटे होटल, ढाबे और खाद्य व्यवसायों की लागत भी बढ़ सकती है, जिससे आगे चलकर खाने-पीने की वस्तुओं के दामों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।रसोई गैस की कीमतों में इस ताजा बढ़ोतरी के बाद विपक्षी दलों ने भी सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं।