हापुड़। थाना देहात क्षेत्र के गिरधारी नगर में उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल उर्फ नरेंद्र कबाड़ी के आवास पर हुई करोड़ों रुपये की डकैती का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। जांच में सामने आया है कि वारदात की साजिश उत्तर प्रदेश पुलिस के निलंबित सिपाही विकास गौतम उर्फ विक्की ने रची थी। पुलिस ने मुठभेड़ और घेराबंदी के बाद गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है।पुलिस के अनुसार एक जून की रात उद्योगपति के घर में घुसकर बदमाशों ने नकदी और आभूषण लूट लिए थे। घटना के खुलासे के लिए गठित टीमों ने लगातार जांच की और आरोपियों तक पहुंच बनाई। सोमवार देर रात थाना देहात पुलिस और स्वाट टीम ने सुल्तानपुर कट के पास संदिग्धों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में साहिबे आलम निवासी संभल और रोहित सागर निवासी मुरादाबाद के पैर में गोली लग गई, जिसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।पूछताछ में सामने आया कि पूरे घटनाक्रम का मास्टरमाइंड विकास गौतम उर्फ विक्की है। पुलिस ने उसे उसके साथी गुड्डू आलम और टिंकू के साथ गिरफ्तार कर लिया। टिंकू पर उद्योगपति के घर की रेकी कराने का आरोप है।जांच में यह भी पता चला कि विकास गौतम पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात था। वर्ष 2024 में उसकी तैनाती सीतापुर जिले में थी, लेकिन लंबे समय तक अनुपस्थित रहने के कारण वह विभागीय कार्रवाई का सामना कर रहा था। बाद में वह अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया। वर्ष 2025 में उसे मुरादाबाद पुलिस ने बड़ी मात्रा में पुरानी बंद हो चुकी भारतीय करेंसी के साथ गिरफ्तार कर जेल भेजा था।पुलिस अधिकारियों के अनुसार जेल में रहते हुए ही विकास गौतम ने बड़ी डकैती की योजना बनाई। इसी दौरान उसकी मुलाकात टिंकू से हुई। टिंकू के पिता निर्माण कार्य से जुड़े होने के कारण उद्योगपति नरेंद्र अग्रवाल के घर आते-जाते थे। इसी माध्यम से आरोपियों ने घर की गतिविधियों, कीमती सामान और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी जुटाई। इसके बाद सुनियोजित तरीके से डकैती को अंजाम दिया गया।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 24 लाख रुपये नकद, लाखों रुपये मूल्य के आभूषण, आईफोन-16 प्लस, अवैध हथियार तथा वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।