मुजफ्फरनगर। आपदा के समय त्वरित राहत और बचाव कार्यों को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में नागरिक सुरक्षा एवं आपदा विभाग के तत्वावधान में व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा के निर्देशन में आयोजित इस अभ्यास में आग लगने की काल्पनिक स्थिति बनाकर विभिन्न विभागों की तैयारियों और समन्वय का प्रदर्शन किया गया।मॉक ड्रिल के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में आग लगने की सूचना प्रसारित की गई, जिसके बाद फायर ब्रिगेड, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों की टीमें तत्काल सक्रिय हो गईं। इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की छत पर फंसे दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का लाइव प्रदर्शन किया गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों ने सीढ़ी की मदद से दोनों को नीचे उतारकर प्राथमिक उपचार दिलाया और एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भिजवाया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह और सिटी मजिस्ट्रेट पंकज प्रकाश राठौर ने कहा कि किसी भी आपदा के समय घबराने के बजाय धैर्य और समझदारी से काम लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि समय पर लिया गया सही निर्णय बड़ी जनहानि और नुकसान को रोक सकता है।मॉक ड्रिल के दौरान अधिकारियों ने बताया कि ऐसे अभ्यासों का उद्देश्य लोगों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है। इससे वास्तविक आपदा के समय राहत एवं बचाव कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकता है।इस अवसर पर मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह और आपदा विभाग के प्रशिक्षक जैकी कुमार ने गैस सिलेंडर में आग लगने की स्थिति से निपटने के सुरक्षित तरीकों का प्रदर्शन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को आग से बचाव के उपायों और सतर्कता बरतने के बारे में भी जानकारी दी।कार्यक्रम में अग्निशमन विभाग, पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, सिविल डिफेंस और आपदा मित्रों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, सरकारी कर्मचारियों और स्थानीय नागरिकों ने भी मॉक ड्रिल को देखा और आपदा प्रबंधन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।