मुजफ्फरनगर। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत जनपद में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने का अभियान लगातार गति पकड़ रहा है। यूपी नेडा के परियोजना प्रभारी भजन सिंह ने बताया कि फरवरी 2024 में शुरू की गई इस योजना के अंतर्गत जिले में अब तक 22,588 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें 13,389 घरों पर सौर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि 11,453 लाभार्थियों को अनुदान की राशि उनके खातों में भेजी जा चुकी है। उन्होंने पात्र लोगों से 31 मार्च 2027 से पहले योजना का लाभ लेने की अपील की है।परियोजना प्रभारी के अनुसार, वर्तमान में जनपद में लगभग 40 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन हो रहा है। योजना के क्रियान्वयन में 161 अधिकृत विक्रेता कार्यरत हैं, जो लोगों को योजना की जानकारी देने और संयंत्र स्थापित कराने का कार्य कर रहे हैं। अब तक लाभार्थियों के खातों में लगभग 120 करोड़ रुपये का अनुदान हस्तांतरित किया जा चुका है।उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन किलोवाट क्षमता का सौर संयंत्र लगाने पर 1.08 लाख रुपये तथा दो किलोवाट क्षमता के संयंत्र पर 90 हजार रुपये तक का अनुदान दिया जा रहा है। तीन किलोवाट संयंत्र की अनुमानित लागत लगभग 1.85 लाख रुपये और दो किलोवाट संयंत्र की लागत करीब 1.35 लाख रुपये है। संयंत्र स्थापित होने के बाद उपभोक्ताओं के बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी आती है।विद्युत विभाग के आंकड़ों के अनुसार मई 2026 में जिले के बड़ी संख्या में लाभार्थियों के बिजली बिल शून्य या बेहद कम आए। कई उपभोक्ताओं के बिल ऋणात्मक भी दर्ज किए गए, जबकि हजारों उपभोक्ताओं का बिल 500 रुपये से कम रहा। परियोजना प्रभारी ने बताया कि शहर की अवध विहार निवासी एक लाभार्थी का बिजली बिल लंबे समय से शून्य आ रहा है, जो योजना के लाभ का उदाहरण है।उन्होंने कहा कि यह योजना 31 मार्च 2027 तक ही प्रभावी रहेगी। इसके बाद नए लाभार्थियों को अनुदान का लाभ नहीं मिलेगा। ऐसे में इच्छुक उपभोक्ताओं को समय रहते आवेदन कर सौर संयंत्र स्थापित कराने की सलाह दी गई है।