मुजफ्फरनगर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इसके साथ ही जनपद में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में अपात्र नाम हटाए गए, जबकि हजारों नए मतदाताओं को शामिल किया गया है। अब जिले में 16 लाख 67 हजार 266 मतदाता पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।निर्वाचन विभाग के अनुसार मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान में डुप्लीकेट, मृतक तथा अन्य स्थानों पर स्थायी रूप से निवास करने वाले मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए। इस प्रक्रिया में जनपद से करीब 1.56 लाख नाम विलोपित किए गए, जबकि 88 हजार से अधिक नए मतदाताओं को सूची में शामिल किया गया है।जनपद के नौ विकास खंडों में बुढ़ाना सबसे बड़ा ब्लॉक बनकर सामने आया है, जहां मतदाताओं की संख्या सबसे अधिक है। वहीं पुरकाजी विकास खंड में सबसे कम मतदाता दर्ज किए गए हैं। मतदाता वृद्धि के मामले में शाहपुर ब्लॉक अव्वल रहा, जहां सर्वाधिक प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है।मुजफ्फरनगर में कुल 487 गांव पंचायत चुनाव प्रक्रिया का हिस्सा होंगे। खतौली विकास खंड में गांवों की संख्या सबसे अधिक है, जबकि सदर ब्लॉक में प्रति गांव मतदाताओं का औसत अन्य क्षेत्रों की तुलना में ज्यादा पाया गया है।राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार पंचायत मतदाताओं के लिए विशेष पहचान व्यवस्था भी लागू की है। प्रत्येक मतदाता को एक विशिष्ट स्टेट वोटर नंबर (एसवीएन) आवंटित किया गया है, जिससे मतदाता सूची को अधिक पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने का प्रयास किया गया है।अंतिम मतदाता सूची जारी होने के बाद अब संभावित उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों की निगाहें पंचायत चुनाव की अधिसूचना पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि चुनाव कार्यक्रम की घोषणा जल्द होने के साथ ही गांवों की सरकार चुनने की प्रक्रिया गति पकड़ लेगी।