मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार निरोधक संगठन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सिविल लाइन थाने में तैनात वरिष्ठ उपनिरीक्षक प्रवीण शर्मा को कथित रूप से 50 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई थाने के भीतर की गई। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी अधिकारी को अपने साथ सिखेड़ा थाने ले गई, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।जानकारी के अनुसार, चरथावल क्षेत्र के ग्राम कसौली निवासी ओमपाल सिंह ने भ्रष्टाचार निरोधक संगठन से शिकायत की थी। उनका आरोप था कि उनके खिलाफ दर्ज एक मुकदमे में अंतिम रिपोर्ट लगाने के बदले उनसे एक लाख रुपये की मांग की जा रही थी। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि लगातार उन पर रकम देने का दबाव बनाया जा रहा था।शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले का सत्यापन किया। आरोप सही पाए जाने पर योजनाबद्ध ढंग से कार्रवाई की गई। तय योजना के अनुसार शिकायतकर्ता बुधवार को 50 हजार रुपये लेकर सिविल लाइन थाने पहुंचा। जैसे ही कथित रूप से रकम वरिष्ठ उपनिरीक्षक को सौंपी गई, पहले से निगरानी कर रही टीम ने तुरंत कार्रवाई कर उन्हें पकड़ लिया।सूचना मिलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और अपर पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ के. मिश्रा भी थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने संबंधित अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।बताया जा रहा है कि मामला ग्राम दुधली के प्रधान मुकेश आर्य की शिकायत पर वर्ष 2025 में दर्ज मुकदमे से जुड़ा है। इस मुकदमे में ओमपाल सिंह समेत कई लोगों पर आर्य समाज की भूमि पर कब्जे और कथित फर्जी दस्तावेजों के उपयोग के आरोप लगाए गए थे। इसी प्रकरण की जांच प्रवीण शर्मा के पास थी।भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।

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