मुजफ्फरनगर, 03 जुलाई 26। विकास भवन सभागार में शुक्रवार को मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देवभूषण की अध्यक्षता में जिला सहकारी विकास समिति (डीसीडीसी) की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जनपद में सहकारिता आंदोलन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की गई।बैठक में राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस को अद्यतन करने, प्राथमिक कृषि ऋण सहकारी समितियों को सुदृढ़ करने, कृषि अवसंरचना विकास को गति देने तथा समितियों के संगणकीकरण पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसके साथ ही उर्वरक लाइसेंस प्रशिक्षण और डेयरी समितियों के बैंक खाते जिला सहकारी बैंक में खोले जाने के मुद्दे भी प्रमुखता से उठे।मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद की बी-पैक्स सहकारी समितियों का विवरण राजस्व अभिलेखों में सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने कहा कि जिन समितियों का नाम अभी तक राजस्व अभिलेखों में दर्ज नहीं है, उनके संबंध में राजस्व ग्राम और संबंधित गाटा संख्या की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाए।बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता ने बताया कि सहकारी समितियां पशु चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री जन पशु औषधि केंद्र योजना के तहत औषधि केंद्र संचालित कर सकती हैं। इसके लिए सरकार द्वारा अवस्थापना मद में डेढ़ लाख रुपये का अनुदान भी दिया जाएगा।सीडीओ ने सभी संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि समिति से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं, ताकि सहकारिता क्षेत्र में योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।बैठक में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अरिमर्दन सिंह गौर, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक निलय वत्स, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जितेंद्र गुप्ता, सहायक निदेशक मत्स्य डॉ. अनीता, अपर जिला सहकारी अधिकारी सुनील सैनी और दुग्धशाला विकास अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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