मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन ने सदर तहसील परिसर में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। तेज बारिश के बावजूद जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में किसान तहसील पहुंचे और एसडीएम कार्यालय के बरामदे में बैठकर प्रदर्शन किया। किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विभिन्न विभागों में भ्रष्टाचार पर रोक लगाने और लंबित समस्याओं के समाधान की मांग उठाई।भाकियू के जिलाध्यक्ष चौधरी नवीन राठी के नेतृत्व में आयोजित किसान पंचायत में वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई सरकारी विभागों में किसानों और आम लोगों के कार्य समय पर नहीं हो रहे हैं। उनका कहना था कि बिजली, पुलिस, प्रदूषण तथा खाद्य एवं रसद विभाग से संबंधित शिकायतों का समाधान नहीं किया जा रहा है, जिससे किसानों और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।नवीन राठी ने कहा कि यह धरना केवल प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि अनिश्चितकालीन है। उन्होंने कहा कि जब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित नहीं की जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने प्रशासन से किसानों के उत्पीड़न पर रोक लगाने और लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण करने की मांग की।धरने के दौरान किसानों ने विभिन्न विभागों में फैले भ्रष्टाचार की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा किसानों से जुड़े मामलों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराने की मांग की। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को जिलेभर में और व्यापक रूप दिया जाएगा।बारिश के बीच भी किसान पूरे दिन धरनास्थल पर डटे रहे। किसानों ने कहा कि वे अपनी मांगों के समाधान तक पीछे हटने वाले नहीं हैं। उधर, प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों की मांगों को सुनने और नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। फिलहाल धरना जारी है और संगठन ने इसे आगे भी जारी रखने की घोषणा की है।