मुजफ्फरनगर, 8 जुलाई 26। प्रदेश सरकार की शिक्षा एवं शिक्षक कल्याण से जुड़ी महत्वपूर्ण योजनाओं का शुभारंभ बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी से किया। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मुजफ्फरनगर के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में किया गया, जहां जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, भोजन माताओं तथा अभिभावकों ने सहभागिता की।मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के शिक्षकों को स्वास्थ्य सुरक्षा की नई सुविधा प्रदान की। इसके साथ ही प्रदेश के लगभग 1.10 करोड़ विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में वर्दी, जूते, मोजे, स्वेटर एवं स्टेशनरी के लिए प्रति छात्र 1200 रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित की गई। वहीं करीब 10 लाख शिक्षकों एवं संविदा कर्मियों को सामाजिक सुरक्षा कवच उपलब्ध कराने के लिए भारतीय स्टेट बैंक के साथ समझौता किया गया। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को भी सम्मानित किया गया।मुजफ्फरनगर में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री अनिल कुमार, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, राष्ट्रीय लोकदल जिलाध्यक्ष संजय राठी तथा नगर पालिका परिषद अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। जिलाधिकारी उमेश मिश्रा एवं मुख्य विकास अधिकारी कंडारकर कमल किशोर देशभूषण के निर्देशन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संदीप कुमार ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।कार्यक्रम में बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के प्रधानाचार्य, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, विशेष शिक्षक, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन, भोजन माताएं तथा बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा ही नहीं देते, बल्कि राष्ट्र निर्माण की नींव भी मजबूत करते हैं। उन्होंने विद्यालयों में स्वच्छता, अनुशासन और प्रत्येक छात्र को पूर्ण गणवेश उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया।समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने प्रतीकात्मक रूप से 20 शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक एवं भोजन माताओं को कैशलेस चिकित्सा कार्ड तथा 10 विद्यार्थियों को डीबीटी किट वितरित की। साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर चयनित आठ स्वच्छ एवं हरित विद्यालयों के प्रधानाचार्यों एवं प्रधानाध्यापकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक के साथ सामाजिक सुरक्षा संबंधी समझौते की औपचारिकता भी पूरी की गई।