मुजफ्फरनगर। क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा और पहाड़ी क्षेत्रों से पानी आने के कारण खादर क्षेत्र में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। रविवार को सोलानी नदी उफान पर रही, जिससे मोरना-लक्सर मार्ग पर कई स्थानों पर पानी भर गया और यातायात प्रभावित हुआ। वहीं, शुकतीर्थ में गंगा का जलस्तर भी तेजी से बढ़कर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ संभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है और ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है।सोलानी नदी का पानी आसपास के निचले क्षेत्रों में फैलने से गांव मजलिसपुर तोफीर, महाराज नगर और खैरनगर के जंगलों में खड़ी फसलें जलमग्न होने लगी हैं। कई संपर्क मार्गों पर पानी भरने से आवागमन प्रभावित हुआ है। संभावित बाढ़ की आशंका को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले कुछ ग्रामीण सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं।शुकतीर्थ स्थित केंद्रीय जल आयोग के गेज रीडर प्रीतम सिंह के अनुसार रविवार को गंगा का जलस्तर 225.90 मीटर दर्ज किया गया। यहां खतरे का निशान 226.50 मीटर निर्धारित है। जलस्तर में लगातार वृद्धि को देखते हुए प्रशासन ने नदी किनारे बसे क्षेत्रों पर विशेष निगरानी शुरू कर दी है।बाढ़ की आशंका के बीच तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता, नायब तहसीलदार बृजेश कुमार तथा राजस्व निरीक्षक सुनील कुमार शर्मा ने लेखपालों की टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नाव और मोटरबोट के माध्यम से शुकतीर्थ तथा आसपास के इलाकों का जायजा लेकर स्थिति का आकलन किया और आवश्यक तैयारियों की समीक्षा की।तहसीलदार श्रद्धा गुप्ता ने बताया कि बाढ़ संभावित गांवों में लगातार निगरानी रखी जा रही है। ग्रामीणों को सतर्क रहने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और किसी भी आपात स्थिति की तत्काल सूचना देने के लिए अधिकारियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है तथा राजस्व और राहत विभाग की टीमें चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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