मुजफ्फरनगर। भोपा थाना क्षेत्र में आपसी रंजिश के चलते विरोधी पक्ष को गंभीर मुकदमे में फंसाने के लिए कथित तौर पर झूठी वारदात रचने का मामला सामने आया है। पुलिस जांच में बंधक बनाकर हमला, लूट और चाकू मारने की घटना मनगढ़ंत पाए जाने के बाद शिकायतकर्ता सहित चार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। पुलिस ने चारों का शांति भंग की आशंका में चालान कर न्यायालय में पेश किया है।भोपा थाना प्रभारी निरीक्षक आशुतोष कुमार ने बताया कि गांव मोरना निवासी टीटू ने पुलिस को सूचना दी थी कि गांव के करोड़ीमल, मनोज खटीक और नई मंडी थाना क्षेत्र के गांव शेरनगर निवासी बिट्टू ने उसे और उसके साथियों को बंधक बना लिया। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि आरोपियों ने चाकू से हमला कर घायल कर दिया और लूटपाट भी की। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी।पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, संबंधित लोगों से पूछताछ की और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की। थाना प्रभारी के अनुसार जांच आगे बढ़ने पर शिकायत में कई तथ्य संदिग्ध मिले। पूछताछ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस इस निष्कर्ष पर पहुंची कि पूरी घटना पहले से बनाई गई योजना का हिस्सा थी।पुलिस का कहना है कि शिकायतकर्ता टीटू ने अपने साथियों डॉ. कृष्णपाल, श्रवण और अपने नौकर जोशी के साथ मिलकर यह कहानी तैयार की थी। आरोप है कि विरोधी पक्ष को गंभीर धाराओं में फंसाने के उद्देश्य से खुद ही चोटें पहुंचाई गईं और पुलिस को झूठी सूचना दी गई।जांच में मामला असत्य पाए जाने के बाद पुलिस ने शिकायतकर्ता और उसके तीनों साथियों को हिरासत में लेकर शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। थाना प्रभारी आशुतोष कुमार ने कहा कि पुलिस को गुमराह करने और निर्दोष लोगों को झूठे मुकदमों में फंसाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।दूसरी ओर, जिन लोगों के खिलाफ झूठे आरोप लगाए गए थे, उन्होंने भी भोपा थाने में लिखित प्रार्थना पत्र देकर शिकायतकर्ता और उसके साथियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि झूठे आरोपों से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। पुलिस का कहना है कि इस शिकायत की भी जांच कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।