मुजफ्फरनगर। जन शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को लेकर गुरुवार को जिला पंचायत सभागार में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) अनिरुद्ध प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आईजीआरएस, सीएम हेल्पलाइन, कर एवं करेत्तर तथा सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कोई भी शिकायत निर्धारित समय सीमा पार कर डिफॉल्टर श्रेणी में न पहुंचे। यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।अपर जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त सभी शिकायतों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से सी श्रेणी और असंतुष्ट फीडबैक वाले मामलों में शिकायतकर्ता से दूरभाष पर बातचीत करने के बाद ही आख्या पोर्टल पर अपलोड की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों के निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता की संतुष्टि का फीडबैक अवश्य प्राप्त किया जाए, ताकि जनपद की रैंकिंग में सुधार हो सके।उन्होंने कहा कि जन शिकायतों से संबंधित आख्या निर्धारित समय से तीन दिन पहले ही अपलोड कर दी जाए, जिससे समय रहते उनका निस्तारण सुनिश्चित हो सके और कोई भी मामला लंबित न रहे।बैठक में कर एवं करेत्तर की समीक्षा के दौरान वार्षिक लक्ष्य के अनुरूप वसूली में पिछड़ रहे विभागों पर नाराजगी जताई गई। अपर जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत वसूली सुनिश्चित की जाए। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों के अधिकारियों को भी सुधार के निर्देश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन प्रकरणों के निस्तारण में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति करते हुए शासन को पत्र भेजा जाएगा।बैठक में उप जिलाधिकारी, तहसीलदार तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।