शामली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कैराना में आयोजित जनसभा के दौरान शामली जनपद के लिए लगभग 581 करोड़ रुपये की 89 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए विकास, कानून व्यवस्था और किसान हितों को सरकार की प्राथमिकता बताया तथा वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव के मद्देनजर जिले की तीनों विधानसभा सीटों पर जनता से समर्थन की अपील की।कैराना स्थित विजय पथिक डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने राज्य कर विभाग के कार्यालय, कंडेला में पशु चिकित्सालय और थानाभवन में राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं सहायता सामग्री भी वितरित की।जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में डबल इंजन सरकार विकास कार्यों को तेजी से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले नौ वर्षों में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार, निवेश को बढ़ावा देने और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में लगातार कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी विकास की नई संभावनाएं तैयार हुई हैं।मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान सरकार ने गन्ना किसानों के हितों को प्राथमिकता दी है। उन्होंने दावा किया कि गन्ना मूल्य में वृद्धि के साथ किसानों को भुगतान व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। साथ ही उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों पर विकास और कानून व्यवस्था की उपेक्षा करने का आरोप लगाया।कानून व्यवस्था पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया गया है और अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने धार्मिक आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार कांवड़ यात्रा सहित सभी प्रमुख आयोजनों के शांतिपूर्ण संचालन के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रही है।मुख्यमंत्री ने बताया कि लगभग 750 करोड़ रुपये की लागत से शामली-गोरखपुर-अंबाला मार्ग का निर्माण कराया जा रहा है, जिसे आगे सिलीगुड़ी तक जोड़ने की योजना है। उनके अनुसार इस परियोजना से पश्चिमी उत्तर प्रदेश की यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।