मुजफ्फरनगर। महिला थाना पुलिस ने एक विवाहिता की तहरीर पर उत्तर प्रदेश पुलिस में तैनात हेड कांस्टेबल समेत सात लोगों के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, मारपीट, जबरन गर्भपात कराने, दुष्कर्म के प्रयास, अप्राकृतिक कृत्य और जान से मारने की कोशिश सहित विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने मामले की विवेचना शुरू कर दी है।पीड़िता ने शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2022 में विवाह के बाद से ही पति और उसके परिजन अतिरिक्त दहेज की मांग करने लगे। उससे मायके से एक कार और पांच लाख रुपये लाने का दबाव बनाया गया। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट, मानसिक उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार किया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि मायके पक्ष द्वारा दो लाख रुपये देने के बावजूद प्रताड़ना जारी रही।विवाहिता ने पति पर उसकी इच्छा के विरुद्ध अप्राकृतिक कृत्य करने, जबकि देवर पर दुष्कर्म के प्रयास का आरोप लगाया है। इसके अलावा गर्भवती होने पर जबरन गर्भपात कराने तथा विरोध करने पर जान से मारने की कोशिश का भी आरोप लगाया गया है। पीड़िता का कहना है कि परिवार परामर्श केंद्र में भी विवाद का समाधान नहीं हो सका, जिसके बाद उसने कानूनी कार्रवाई का सहारा लिया।महिला थाना पुलिस ने पति, सास, देवर, तीन ननदों और ननदोई के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जा रही है और विवेचना में मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।