मेरठ। लोहियानगर क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में स्टाफ नर्स की मौत के मामले का पुलिस ने खुलासा करते हुए इसे हत्या बताया है। पुलिस के अनुसार अस्पताल में कार्यरत एक वार्डबॉय ने अपने साथी के साथ मिलकर नर्स की हत्या की योजना बनाई और घटना को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया। मामले में दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।पुलिस के मुताबिक मृतका 26 वर्षीय नेहा अस्पताल में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत थी। वह शनिवार सुबह ड्यूटी पर पहुंची थी, लेकिन कुछ समय बाद अस्पताल परिसर में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शुरुआत में अस्पताल प्रशासन ने जहरीला पदार्थ सेवन कर आत्महत्या की आशंका जताई थी, जबकि परिजनों ने शुरुआत से ही हत्या का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल कॉल विवरण और अन्य साक्ष्यों की जांच की। जांच के दौरान अस्पताल में कार्यरत वार्डबॉय सुरेश की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने अपने साथी फरहान के साथ मिलकर हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार कर ली।पुलिस के अनुसार सुरेश पहले से विवाहित है और उसका नेहा के साथ पिछले कई महीनों से प्रेम संबंध था। पूछताछ में सामने आया कि नेहा उस पर विवाह का दबाव बना रही थी। इसी कारण उसने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। आरोप है कि ड्यूटी के दौरान मौका मिलने पर जहरीले रसायन का इस्तेमाल कर उसकी हत्या कर दी गई।जांच में यह भी सामने आया कि घटना के बाद आरोपियों ने पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से मृतका की जेब में सल्फास की गोलियां और एक कथित आत्महत्या पत्र रख दिया। हालांकि परिजनों ने पत्र की लिखावट पर संदेह जताया। पुलिस ने मृतका की पुरानी लिखावट से मिलान कराया, जिसके बाद मामला और स्पष्ट हो गया।पुलिस ने मौके से सिरिंज, कैनुला, मोबाइल फोन, नोटपैड तथा घटना में प्रयुक्त बताए जा रहे रासायनिक पदार्थ समेत अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी वैज्ञानिक और फोरेंसिक साक्ष्यों के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई जा रही है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है।