नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में हाल के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने का निर्णय लिया है। दिल्ली पुलिस की मांग पर केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 45 कंपनियों को तत्काल प्रभाव से तैनात किया गया है। ये बल 27 जुलाई तक संवेदनशील क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने में स्थानीय पुलिस की सहायता करेंगे।गृह मंत्रालय के निर्देश पर सबसे अधिक 24 कंपनियां केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और 15 कंपनियां रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की तैनात की गई हैं। इसके अतिरिक्त सीमा सुरक्षा बल की तीन, सशस्त्र सीमा बल की दो तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की एक कंपनी को भी ड्यूटी पर लगाया गया है। सुरक्षा एजेंसियों के इनपुट और मौजूदा परिस्थितियों की समीक्षा के बाद यह निर्णय लिया गया।जानकारी के अनुसार अतिरिक्त कंपनियां छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड और ओडिशा समेत विभिन्न राज्यों से दिल्ली भेजी गई हैं। आरएएफ की अतिरिक्त टुकड़ियां भी राजधानी पहुंच चुकी हैं। सभी बलों को दंगा नियंत्रण उपकरणों, आवश्यक सुरक्षा संसाधनों तथा पर्याप्त सामग्री के साथ तैनात किया गया है।गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, पथराव करने अथवा हिंसा फैलाने वाले तत्वों के विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा बलों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।उल्लेखनीय है कि बीते दिनों नई दिल्ली के जंतर-मंतर क्षेत्र में प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। इस दौरान कुछ वाहनों को नुकसान पहुंचाने और पथराव की घटनाएं भी सामने आई थीं। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने अतिरिक्त सुरक्षा बल उपलब्ध कराने का अनुरोध किया था।सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर नई दिल्ली क्षेत्र में पुलिस और केंद्रीय बल लगातार संयुक्त गश्त तथा फ्लैग मार्च कर रहे हैं। वहीं, एहतियात के तौर पर दिल्ली मेट्रो रेल निगम ने पुलिस के निर्देश पर नई दिल्ली क्षेत्र के 16 मेट्रो स्टेशनों का संचालन अस्थायी रूप से प्रभावित किया, जिससे यात्रियों को कुछ असुविधा का सामना करना पड़ा। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और शांति एवं सुरक्षा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।