मुजफ्फरनगर। बुढ़ाना क्षेत्र में नकली भारतीय मुद्रा तैयार कर उसे बाजार में खपाने वाले एक संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गोपनीय सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई में पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब तीन लाख रुपये के नकली नोट, नोट छापने में प्रयुक्त उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की है। गिरोह का मुख्य सरगना अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।पुलिस के अनुसार, काफी समय से सूचना मिल रही थी कि क्षेत्र में कुछ लोग नकली नोट तैयार कर उन्हें विभिन्न स्थानों पर असली मुद्रा के रूप में चलाने का काम कर रहे हैं। सूचना की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने योजनाबद्ध ढंग से छापेमारी की और चार लोगों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में नकली नोटों के अलावा प्रिंटर, लैपटॉप, मोबाइल फोन, विशेष स्याही तथा नोट छापने में प्रयुक्त अन्य उपकरण बरामद किए गए।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी आधुनिक तकनीक की सहायता से असली नोटों की स्कैनिंग कर उनकी हूबहू प्रतिकृति तैयार करते थे। इसके बाद इन नकली नोटों को बाजार में खपाकर अवैध लाभ कमाने का प्रयास किया जाता था। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितनी नकली मुद्रा बाजार में पहुंचाई जा चुकी है।जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह का सरगना पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रह चुका है। उसके विरुद्ध विभिन्न थानों में कई मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड के साथ-साथ उसके संपर्कों और आर्थिक लेनदेन की भी जांच कर रही है।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपितों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। बरामद इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फोरेंसिक जांच भी कराई जाएगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि नकली नोटों का निर्माण किस स्तर पर और किन-किन क्षेत्रों तक किया जा रहा था। फरार सरगना की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। पुलिस का मानना है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद इस पूरे गिरोह से जुड़े कई और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।