चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने राज्य अनुसूचित जाति आयोग में अध्यक्ष और उपाध्यक्ष की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद सरकार ने दोनों नियुक्तियों के औपचारिक आदेश जारी कर दिए। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अंबाला के पूर्व सांसद स्वर्गीय रत्नलाल कटारिया की पत्नी बंतो कटारिया को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है, जबकि रोहतक की पूर्व महापौर रेनू डाबला को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सरकार ने नियुक्तियों से संबंधित सूचना संबंधित अधिकारियों को भी भेज दी है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद दोनों पदाधिकारियों से अनुसूचित जाति वर्ग से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ उठाने और उनके समाधान के लिए प्रभावी स्तर पर काम करने की अपेक्षा की जा रही है।बंतो कटारिया अंबाला क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की राजनीति में सक्रिय रही हैं। वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें अंबाला लोकसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। चुनाव में उनका मुकाबला कांग्रेस प्रत्याशी वरुण चौधरी से हुआ था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।लोकसभा चुनाव के बाद भी बंतो कटारिया की क्षेत्र में सक्रियता बनी रही। वह विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक गतिविधियों में भाग लेती रही हैं। अब अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने से उन्हें राज्य स्तर पर काम करने का अवसर मिला है।वहीं रेनू डाबला को भी राजनीति और संगठन का लंबा अनुभव है। उन्होंने वर्ष 2013 में कांग्रेस के टिकट पर पार्षद का चुनाव जीता था। इसके बाद वह रोहतक की महापौर बनीं और नगर निकाय में अपनी जिम्मेदारी निभाई।महापौर का कार्यकाल पूरा होने के बाद वर्ष 2018 में रेनू डाबला भाजपा में शामिल हो गई थीं। भाजपा में आने के बाद उन्होंने संगठन की विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं और प्रदेश सचिव के पद पर भी कार्य किया।आयोग में नई जिम्मेदारी मिलने के बाद दोनों पदाधिकारियों के सामने अनुसूचित जाति समुदाय से जुड़े सामाजिक और प्रशासनिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने की चुनौती होगी। आयोग संबंधित शिकायतों और समस्याओं पर कार्रवाई के लिए विभागों के साथ समन्वय की भूमिका भी निभाता है।