मुजफ्फरनगर। जिला कारागार में नशामुक्ति प्रतिज्ञा महाअभियान के तहत शनिवार को करीब 250 बंदियों ने नशे से दूर रहने और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में बंदियों को नशे के दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ ही ध्यान और सकारात्मक सोच के माध्यम से जीवन में बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया गया।कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि नशे की लत व्यक्ति के स्वास्थ्य और भविष्य को प्रभावित करने के साथ परिवार की खुशियों पर भी असर डालती है। इससे बचने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति और नियमित प्रयास जरूरी हैं। बंदियों से नशे से दूरी बनाकर अच्छे विचारों और स्वस्थ आदतों को अपनाने का आह्वान किया गया।बीके विजयलक्ष्मी ने बंदियों को संबोधित करते हुए इच्छाशक्ति मजबूत करने और जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसी भी बुरी आदत को छोड़ने के लिए मन का मजबूत होना आवश्यक है। नियमित रूप से अच्छे कार्यों में मन लगाने से जीवन को नई दिशा दी जा सकती है।सरिता शर्मा अरोड़ा ने सकारात्मक सोच को जीवन का आधार बताते हुए बंदियों को अपनी दिनचर्या में अच्छी आदतें शामिल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान बंदियों को ध्यान भी कराया गया। इसके माध्यम से मन को शांत रखने और नकारात्मक विचारों से दूर रहने के उपाय बताए गए।कार्यक्रम के समापन पर करीब 250 बंदियों ने सामूहिक रूप से नशे से दूर रहने की प्रतिज्ञा ली। उन्होंने स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और भविष्य में नशे से स्वयं को दूर रखने का संकल्प दोहराया।जिला कारागार के डिप्टी जेलर अंकित ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल में रहते हुए भी सकारात्मक सोच और अनुशासन के साथ अपने जीवन में सुधार किया जा सकता है। उन्होंने बंदियों से नशे को छोड़कर स्वस्थ, सम्मानजनक और जिम्मेदार जीवन की ओर बढ़ने का आह्वान किया।