मुजफ्फरनगर। राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर जड़ौदा नरा से संधावली पुल तक यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए करीब तीन किलोमीटर लंबे एलिवेटेड मार्ग की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। करीब 440 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना से इस व्यस्त हिस्से में जाम की समस्या कम होने और वाहनों का आवागमन सुगम होने की उम्मीद है।परियोजना के तहत मुख्य मार्ग को जमीन से ऊपर खंभों पर बनाया जाएगा। इस मार्ग से लंबी दूरी का यातायात सीधे निकल सकेगा, जबकि नीचे स्थानीय आवागमन के लिए सर्विस रोड की व्यवस्था रहेगी। इससे स्थानीय वाहनों और हाईवे के तेज यातायात को अलग-अलग मार्ग मिलने से यातायात व्यवस्था बेहतर होने की संभावना है।बताया गया है कि परियोजना को प्रशासनिक और तकनीकी स्वीकृति मिल चुकी है। निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया और कार्यादेश से संबंधित कार्रवाई भी आगे बढ़ चुकी है। निर्माण कार्य अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है।जड़ौदा नरा से संधावली के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर भारी वाहनों के साथ स्थानीय यातायात का भी दबाव रहता है। विभिन्न स्थानों पर वाहनों के मुड़ने और स्थानीय यातायात के मुख्य मार्ग से जुड़ने के कारण कई बार यातायात प्रभावित होता है। एलिवेटेड मार्ग बनने के बाद मुख्य यातायात को ऊपर से निर्बाध रास्ता मिलने की उम्मीद है।इस परियोजना से जड़ौदा नरा, संधावली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को भी लाभ मिलने की संभावना है। नीचे सर्विस रोड उपलब्ध रहने से स्थानीय लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में सुविधा होगी और मुख्य मार्ग पर वाहनों का दबाव कम किया जा सकेगा।इसके साथ ही संधावली से वहलना क्षेत्र में पहले प्रस्तावित सड़क परियोजना को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पीनना बाईपास का अधूरा काम पूरा होने पर राष्ट्रीय राजमार्ग-58 पर यातायात का दबाव और कम होने की उम्मीद है। सांसद हरेंद्र मलिक ने पीनना बाईपास का काम दोबारा शुरू कराने के लिए भी प्रयास तेज करने की बात कही है।एलिवेटेड मार्ग के निर्माण से मुजफ्फरनगर शहर के इस प्रमुख प्रवेश मार्ग पर यातायात को व्यवस्थित करने और लंबी दूरी के वाहनों को सुगम रास्ता उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव आने की उम्मीद है।