मुजफ्फरनगर। आशीर्वाद बैंक्वेट हॉल में अभिभावक जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया। इसमें बच्चों की शिक्षा को केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित रखने के बजाय उनके सर्वांगीण विकास और जीवनोपयोगी क्षमताओं को विकसित करने पर जोर दिया गया। सत्र का विषय ‘अंकों से परे, क्या हम अपने बच्चों को जीवन के लिए तैयार कर रहे हैं?’ ।

कार्यक्रम में द दून वैली पब्लिक स्कूल के निदेशक अनुराग सिंघल ने अभिभावकों से संवाद करते हुए कहा कि वर्तमान समय में बच्चों की सफलता का आकलन केवल अच्छे अंकों से नहीं किया जा सकता। शिक्षा के साथ बच्चों में ऐसे कौशल विकसित करना जरूरी है, जो उन्हें भविष्य की चुनौतियों का आत्मविश्वास के साथ सामना करने में सक्षम बनाएं।उन्होंने अभिभावकों से बच्चों में संवाद क्षमता, निर्णय लेने की समझ, समस्या का समाधान करने की क्षमता, वित्तीय जागरूकता, भावनात्मक समझ, आत्मनिर्भरता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि बच्चों को केवल परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए तैयार करने के बजाय उन्हें वास्तविक जीवन की परिस्थितियों का सामना करने वाला आत्मविश्वासी और जिम्मेदार व्यक्ति बनाने की दिशा में काम किया जाना चाहिए।सत्र के दौरान अभिभावकों ने उत्साह के साथ सहभागिता की और बच्चों के व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श किया। अभिभावकों को बच्चों की रुचि, व्यवहार और क्षमताओं को समझते हुए उनके विकास में सहयोगी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया।नचिकेता स्कूल्स और द दून वैली पब्लिक स्कूल की ओर से आयोजित इस पहल को बच्चों की शिक्षा में जीवन कौशल और व्यक्तित्व विकास को महत्व देने की दिशा में उपयोगी कदम बताया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य अभिभावकों को यह समझाना रहा कि बच्चों की सफलता केवल अंकों से नहीं, बल्कि उनके ज्ञान, व्यवहार, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और जिम्मेदारी से भी तय होती है।

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