मुजफ्फरनगर। उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत विकासखंड मोरना में एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें 107 किसानों ने भाग लेकर मोटे अनाज की खेती, प्राकृतिक कृषि, पशुपालन और फसल प्रबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की।कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सतवीर सिंह सिरोही ने किया। उन्होंने किसानों को मिलेट्स यानी मोटे अनाज के पोषण और स्वास्थ्य लाभों की जानकारी देते हुए इनके उत्पादन को बढ़ावा देने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक तरीके से मिलेट्स की खेती करने से मिट्टी और पर्यावरण को लाभ मिलने के साथ पौष्टिक खाद्यान्न भी उपलब्ध होगा। उन्होंने किसानों से मोटे अनाज की खेती अपनाने का आह्वान किया।पशुधन प्रसार अधिकारी डॉ. विजय कुमार और पशु प्रसार अधिकारी डॉ. कपिल कुमार ने पशुओं में फैलने वाले रोगों, उचित देखभाल, पशुपालन विभाग की योजनाओं तथा दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के उपायों की जानकारी दी।एडीओ कृषि अंकुल चंद शर्मा ने विकासखंड स्तर पर संचालित कृषि विभाग की योजनाओं के बारे में बताया। ब्लॉक तकनीकी प्रबंधक संदीप कुमार ने मिलेट्स के इतिहास और वर्तमान समय में उनकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला।गन्ना विभाग के बिजेंद्र कुमार ने वर्षा ऋतु में गन्ने की फसल में लगने वाले कीट एवं रोगों तथा पोषक तत्व प्रबंधन की जानकारी दी। उन्होंने किसानों को फसल की नियमित निगरानी करने की सलाह दी।प्रगतिशील किसान डॉ. मोहन सिंह ने मोटे अनाज की खेती से जुड़े अपने अनुभव साझा किए और इसके व्यावहारिक लाभ बताए। कृषि विभाग के विक्रान्त राठी ने राजकीय कृषि बीज गोदाम पर उपलब्ध निःशुल्क मिलेट्स मिनीकिट की जानकारी दी। प्राविधिक सहायक रविन्द्र सिंह ने आगामी रबी सीजन की तिलहनी फसलों के बीज की ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया समझाई।प्रशिक्षण में वीरेन्द्र सिंह, संदीप कुमार, शोभित कुमार, विनय सिंह सहित कृषि, पशुपालन और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी तथा किसान मौजूद रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को मिलेट्स, प्राकृतिक खेती, पशुपालन, गन्ना प्रबंधन और सरकारी योजनाओं की उपयोगी जानकारी देकर खेती को अधिक लाभकारी बनाने के लिए प्रेरित करना रहा।