मुजफ्फरनगर। शहर और आसपास के क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़ी परियोजना को गति मिली है। राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग कपिल देव अग्रवाल के प्रयास से सूजडू में 78.82 करोड़ रुपये की लागत से 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र और संबंधित 132 केवी लाइन का निर्माण कराया जाएगा। परियोजना पूरी होने के बाद सूजडू समेत शहर के कई प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद है।प्रस्तावित उपकेंद्र से सूजडू, महावीर चौक, नुमाइश कैंप, साकेत, मालवीय चौक, सर्कुलर रोड और खालापार सहित आसपास के क्षेत्रों को लाभ मिलेगा। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ ही व्यापारिक और औद्योगिक इकाइयों को भी अधिक गुणवत्तापूर्ण और निर्बाध बिजली आपूर्ति उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल ने परियोजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा का आभार जताया। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास से जिले में विद्युत ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है। नए उपकेंद्र, फीडर और ट्रांसफार्मर स्थापित होने से बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ेगी और उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी।
नौ वर्ष में करीब 300 करोड़ के काम
कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि पिछले करीब नौ वर्षों में मुजफ्फरनगर विधानसभा क्षेत्र सहित जिले की विद्युत व्यवस्था सुधारने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये के विभिन्न कार्य कराए गए हैं। इनमें नए विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण, पुराने उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाना, नई विद्युत लाइनों और वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थापना तथा विद्युत तंत्र का आधुनिकीकरण शामिल है।उन्होंने बताया कि 62.13 करोड़ रुपये की लागत से 220 केवी विद्युत उपकेंद्र बढ़ाई कलां का निर्माण कराया गया है। जौली रोड और भोपा रोड स्थित 132 केवी उपकेंद्रों की क्षमता बढ़ाने पर करीब 8.03 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। पिन्ना क्षेत्र में 5.63 करोड़ रुपये की लागत से 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र न्यू शामली रोड का निर्माण कराया गया है।विधानसभा क्षेत्र में करीब 2.63 करोड़ रुपये की लागत से चार नई 33 केवी विद्युत लाइनें बनाई गई हैं। दीनदयाल योजना के तहत 50 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए, जिन पर करीब 1.09 करोड़ रुपये खर्च हुए।
106 नए ट्रांसफार्मर लगाए
बिजनेस प्लान 2023-24, 2024-25 और 2025-26 के तहत करीब 52 करोड़ रुपये की लागत से 106 नए वितरण ट्रांसफार्मर लगाए गए तथा 178 ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाई गई। इसी अवधि में नए फीडरों का निर्माण भी कराया गया और विद्युत क्षेत्र से जुड़े कुल 598 कार्य किए गए।आरडीएसएस योजना के तहत करीब 90.85 करोड़ रुपये की लागत से 64 फीडरों पर 741 किलोमीटर पुरानी एबीसी लाइन को बदलकर नई लाइन बिछाई गई। इसके अलावा नगर निकाय विकास निधि से बिजली आपूर्ति सुधार के लिए 1.53 करोड़ रुपये के 10 कार्य कराए गए हैं।वर्तमान बिजनेस प्लान 2026-27 के पार्ट-1 में करीब 7.88 करोड़ रुपये के 111 कार्य चल रहे हैं, जबकि पार्ट-2 में 19.94 करोड़ रुपये के कार्य प्रस्तावित हैं।राज्यमंत्री ने कहा कि विद्युत ढांचे के विस्तार से किसानों, व्यापारियों, उद्यमियों और औद्योगिक इकाइयों के साथ आम उपभोक्ताओं को भी लाभ मिलेगा। मजबूत बिजली व्यवस्था से जिले में औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य मजबूत आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराकर मुजफ्फरनगर को विकास की दिशा में लगातार आगे ले जाना है।कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, राजेश जैन, सतीश गोयल, नीलकमल पुरी, विपुल भटनागर, निशंक जैन, सागर वत्स, देवराज, संजय जैन, व्यापारी नेता संजय मित्तल, सुभाष चौहान, डॉ. देशबंधु तोमर, अंकुर गर्ग, ब्रह्म प्रकाश शर्मा, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शुक्ला, संजय गर्ग, प्रवीण खेड़ा, अमित शास्त्री, नंदकिशोर, दीपक मित्तल, विशाल गर्ग, अशोक त्यागी, प्रमोद मित्तल, मुनीश त्यागी समेत फेडरेशन, आईआईए के पदाधिकारी तथा भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।