लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने संगठन को नए सिरे से मजबूत करने की तैयारी शुरू कर दी है। बसपा सुप्रीमो मायावती ने पार्टी संगठन में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का फैसला किया है। नई रणनीति के तहत संगठन में करीब 50 प्रतिशत तक युवाओं को जिम्मेदारी देने पर जोर रहेगा। पार्टी की नजर खासतौर पर नई पीढ़ी और पहली बार मतदान करने वाले युवाओं पर है।मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को युवाओं के बीच पहुंच बढ़ाने और उन्हें संगठन से जोड़ने पर जोर दिया है। उनका मानना है कि बदलते दौर में युवा वर्ग की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण हो रही है। इसी को देखते हुए पार्टी में सक्रिय और जमीनी स्तर पर काम करने वाले युवा चेहरों को आगे लाने की तैयारी है।बसपा की रणनीति में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म को भी अहम भूमिका दी जाएगी। युवाओं से जुड़े रोजगार, शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षाओं और भविष्य से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर नई पीढ़ी के बीच पार्टी का आधार मजबूत करने की कोशिश होगी।मायावती ने पार्टी में परिवारवाद को लेकर भी अपना रुख स्पष्ट किया है। उन्होंने अपने भाई आनंद कुमार के परिवार के सदस्यों को संगठन में राजनीतिक जिम्मेदारी नहीं देने की बात कही है। इसमें उनके भतीजे आकाश आनंद भी शामिल हैं।पार्टी नेतृत्व का जोर अब संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं और नए चेहरों को आगे बढ़ाने पर है। इसके लिए जमीनी स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं की पहचान कर उन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां देने की तैयारी की जा रही है।विधानसभा चुनाव को देखते हुए बसपा अपने पारंपरिक जनाधार को मजबूत करने के साथ नए मतदाता वर्गों तक पहुंच बनाने की कोशिश में जुटी है। युवाओं को संगठन में बड़ी हिस्सेदारी देना इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।पार्टी की कोशिश बूथ स्तर तक संगठन को सक्रिय करने और युवाओं को चुनावी अभियान से जोड़ने की है। माना जा रहा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में बसपा का अभियान युवाओं, संगठन के विस्तार और नए सामाजिक समीकरणों पर केंद्रित रहेगा।