मुजफ्फरनगर। शिक्षण संस्थानों में बेहतर समन्वय और सकारात्मक कार्यसंस्कृति विकसित करने के उद्देश्य से दून वैली ग्रुप ऑफ स्कूल्स की ओर से एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। दर्पण बैंक्वेट हॉल में हुए कार्यक्रम में शिक्षकों ने नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और टीम के साथ प्रभावी ढंग से काम करने के तरीके सीखे।कार्यशाला में शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से यह समझाया गया कि व्यक्तिगत क्षमताओं का सही इस्तेमाल सामूहिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

भारतीय ज्ञान परंपरा के विचारक और शिक्षाविद् डॉ. अनुराग सिंघल ने संवाद और गतिविधियों के जरिए प्रतिभागियों को नेतृत्व, सहयोग और समन्वय के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया।उन्होंने कहा कि किसी भी संस्था की प्रगति उसके सदस्यों की क्षमताओं पर निर्भर करती है। यदि सभी लोग साझा उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए एक-दूसरे की क्षमताओं का सम्मान करें और सहयोग से काम करें तो बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। उन्होंने आपसी विश्वास और स्पष्ट संवाद को टीम की मजबूती के लिए जरूरी बताया।कार्यशाला में शिक्षकों ने समूह गतिविधियों में भाग लेकर अपने अनुभव साझा किए। समस्या समाधान, संवाद, नेतृत्व और आपसी तालमेल से जुड़ी गतिविधियों ने उन्हें कार्यस्थल की परिस्थितियों में इन कौशलों को समझने का अवसर दिया।आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों के व्यावसायिक विकास के साथ विद्यालयों में सहयोग और सकारात्मक माहौल को बढ़ावा देना था। कार्यशाला के माध्यम से शिक्षकों को अपनी प्रतिभा के साथ सहकर्मियों की क्षमताओं को पहचानकर साझा लक्ष्यों की दिशा में काम करने के लिए प्रेरित किया गया।