मुजफ्फरनगर, 9 अक्टूबर 26। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव डॉ. सत्येन्द्र कुमार चौधरी ने शुक्रवार को जिला कारागार का निरीक्षण कर बंदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने पाकशाला, अस्पताल, पुरुष बैरक, महिला बैरक और बाल बैरक का निरीक्षण किया। इस दौरान दोषसिद्ध बंदियों के लिए विधिक जागरूकता शिविर भी लगाया गया, जिसमें उन्हें उनके संवैधानिक और कानूनी अधिकारों की जानकारी दी गई।प्रभारी जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशन में पहुंचे डॉ. चौधरी ने बंदियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बंदी को अपने कानूनी अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, ताकि जरूरत पड़ने पर वह नियमानुसार न्यायिक सहायता प्राप्त कर सके।शिविर में बंदियों को बताया गया कि यदि उच्च न्यायालय में अपील दाखिल करने के दौरान उन्हें किसी प्रकार की कानूनी परेशानी आती है, तो वे जेल अधीक्षक के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को आवेदन दे सकते हैं। संबंधित मामलों में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।लोक अदालत से जल्द निस्तारण पर जोरनिरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक को निर्देश दिए गए कि ऐसे बंदियों के मामलों की सूची तैयार कर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजी जाए, जिनका निस्तारण ई-जेल लोक अदालत अथवा जेल लोक अदालत के माध्यम से संभव है। इससे पात्र मामलों का शीघ्र निस्तारण करने में मदद मिल सकेगी।इसके अलावा जिन बंदियों की जमानत याचिकाएं अधीनस्थ न्यायालय से स्वीकार हो चुकी हैं, उन्हें आवश्यक विधिक सहायता उपलब्ध कराई गई। निरीक्षण के दौरान बंदियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने और उनके मामलों के निस्तारण में आने वाली परेशानियों को दूर करने पर विशेष जोर दिया गया।