मुजफ्फरनगर। मतदाता सूची में पात्र नागरिकों के नाम शामिल कराने और पहले से दर्ज नामों के छूटने की स्थिति का पता लगाने के लिए जिले में विशेष अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। पुरानी और वर्तमान मतदाता सूचियों का मिलान कर ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी, जिनके नाम पहले सूची में दर्ज थे, लेकिन अब शामिल नहीं हैं। पात्र पाए जाने वाले नागरिकों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन भी कराया जाएगा।शनिवार को कलेक्ट्रेट स्थित जिला पंचायत सभागार में जिलाधिकारी उमेश मिश्रा की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई। इसमें विधानसभा निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के बाद चलाए जाने वाले अभियान की रूपरेखा पर चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार कार्यवाही करने और राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बनाकर अभियान को सफल बनाने पर जोर दिया।अभियान के तहत 10 अप्रैल 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची की तुलना सात जनवरी 2025 को प्रकाशित मतदाता सूची और उसकी पूरक सूचियों से की जाएगी। इस मिलान के आधार पर उन मतदाताओं की सूची तैयार की जाएगी, जिनके नाम पुरानी सूची में दर्ज थे, लेकिन वर्तमान सूची में शामिल नहीं हैं। बूथ स्तर के अधिकारी संबंधित मतदाताओं के घर पहुंचकर उनकी मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाएंगे। सत्यापन के दौरान पात्र पाए जाने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए फार्म-6 भरने में सहायता की जाएगी।निर्वाचन विभाग ने इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए प्रत्येक बूथ स्तर के अधिकारी को एक सप्ताह में कम से कम 20 से 25 मतदाताओं से संपर्क करने का लक्ष्य दिया है। प्रशासन की योजना इस प्रक्रिया को लगभग एक महीने में पूरा करने की है। सत्यापन के दौरान तैयार सूची में प्रत्येक चिह्नित मतदाता की वर्तमान स्थिति और नाम शामिल कराने के लिए भरे गए आवेदनों का विवरण भी दर्ज किया जाएगा।तैयार की गई बूथवार सूची राजनीतिक दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ साझा की जाएगी। इसके साथ ही भरे गए आवेदन और सत्यापन रिपोर्ट भी संबंधित अधिकारियों को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उनके नाम सूची में शामिल कराने में सहयोग करने का अवसर मिलेगा।अभियान में पहली बार मतदाता बनने वाले युवाओं और उन पात्र नागरिकों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, जो किसी कारण से अब तक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज नहीं करा सके हैं। इसके लिए बूथ स्तर पर शिविर लगाए जाएंगे। रात्रि आश्रयों, श्रमिक बस्तियों और ऐसे स्थानों पर भी विशेष शिविर आयोजित किए जाएंगे, जहां आश्रयहीन तथा समाज की मुख्यधारा से दूर रहने वाले पात्र लोगों के नाम मतदाता सूची में शामिल कराने की जरूरत है।मतदाता जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों, स्थानीय जनसंपर्क कार्यक्रमों और अन्य माध्यमों का सहारा लिया जाएगा। प्रशासन अभियान की नियमित समीक्षा और निगरानी भी करेगा, ताकि कोई पात्र नागरिक मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के अवसर से वंचित न रहे।बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अभियान में प्रशासन का सहयोग करने की अपेक्षा की गई। इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, नगर मजिस्ट्रेट, सभी उप जिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।