शामली। सोशल मीडिया पर साझा की गई एक पोस्ट ने शामली में दो युवकों की जिंदगी बचाने में अहम भूमिका निभाई। अलग-अलग घटनाओं में मानसिक तनाव से जूझ रहे दो युवकों ने इंस्टाग्राम पर ऐसे वीडियो साझा किए, जिनसे उनके आत्मघाती कदम उठाने की आशंका हुई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और दोनों युवकों तक पहुंचकर उन्हें सुरक्षित बचा लिया। पुलिस की इस तत्परता की अधिकारियों ने सराहना की है।पहली घटना कैराना क्षेत्र की है। यहां एक निजी कंपनी में काम करने वाला युवक घरेलू विवाद के चलते मानसिक तनाव में था। 13 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो स्टेटस साझा किया, जिसमें आत्महत्या करने के संकेत मिल रहे थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मेटा की ओर से संबंधित अलर्ट पुलिस तक पहुंचाया गया। सूचना मिलते ही कैराना कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिसकर्मी करीब सात मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए। उस समय युवक फंदा लगाकर जान देने का प्रयास कर रहा था। पुलिस ने तत्काल हस्तक्षेप कर उसे बचा लिया।दूसरी घटना थानाभवन क्षेत्र की है। यहां बीएससी में पढ़ने वाले एक छात्र का अपनी गर्लफ्रेंड से विवाद हो गया था। इस घटना के बाद वह तनाव में आ गया और उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा कर आत्महत्या करने की बात कही। सोशल मीडिया से मिले अलर्ट के बाद पुलिस को मामले की जानकारी हुई। थानाभवन पुलिस ने बिना देरी किए मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। पुलिसकर्मियों ने छात्र को गले में गमछा डालकर आत्महत्या का प्रयास करते देखा। उन्होंने तुरंत गमछा हटाकर छात्र को सुरक्षित बचा लिया। इस मामले में पुलिस टीम करीब दस मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थी।दोनों घटनाओं में पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया। सोशल मीडिया पर साझा की गई सामग्री से खतरे का अंदेशा होने पर समय रहते सूचना मिलना युवकों की जान बचाने में मददगार साबित हुआ। इन घटनाओं ने यह भी दिखाया कि मानसिक तनाव से गुजर रहे लोगों की स्थिति को गंभीरता से लेना कितना जरूरी है।पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह ने दोनों मामलों में तत्परता दिखाने वाले पुलिसकर्मियों की सराहना की है। उन्होंने बताया कि समय रहते कार्रवाई कर दोनों युवकों को सुरक्षित बचाया गया। बेहतर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।एसपी के अनुसार, पिछले छह महीने में सोशल मीडिया पर आत्महत्या से संबंधित अलर्ट मिलने के बाद पुलिस की सक्रियता से जिले में 32 लोगों की जान बचाई जा चुकी है। पुलिस ऐसे मामलों में सूचना मिलते ही कार्रवाई कर रही है, ताकि किसी भी व्यक्ति को समय पर सहायता मिल सके।